आरोपी ने बताया कि जगदीश चौधरी उसे चोर-चोर कह कर चिढ़ाते थे। उसके दोस्तों के सामने उसकी मां पर भी अभद्र टिप्पणी करते थे। इस वजह से वह खुद को अपमानित महसूस करता था। उसी से क्षुब्ध होकर जगदीश की हत्या की योजना बनाई। 19 सितंबर की रात नौ बजे अपनी दुकान बंद करके घर गया और शराब पी। रात में जब उसके परिजन सो गए तो घर से बाइक के शॉकर की रॉड लेकर अकेले जगदीश चौधरी की दुकान पर पहुंच गया।
दुकान के बाहर सोए जगदीश के सिर पर रॉड से कई बार प्रहार किया। जब उसे विश्वास हो गया कि जगदीश की मृत्यु हो चुकी है। उसके बाद तकिया के नीचे रखी गोदाम की चाभी ले ली और गोदाम को खोलकर काउंटर व उसके दराज को चेक किया ,लेकिन उसमें कोई रकम नहीं मिला। घटना के समय पहने जिंस की पैंट, बनियान से रॉड को साफ कर दिया। पकड़े गए आरोपित की निशानदेही पर उसके कमरे से घटना में प्रयुक्त रॉड बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया।
हत्यारोपी को पकड़ने वाली पुलिस टीम में एसएसआई राकेश कुमार मिश्रा, चौकी इंचार्ज कलेक्ट्रेट रजनीश राय, चौकी इंचार्ज बघौली बलराम पांडेय, चौकी इंचार्ज गोला बाजार अनिरुद्ध सिंह, हेड कांस्टेबल राणा प्रताप यादव, कांस्टेबल गिरिजेश उपाध्याय, अरुण आदि शामिल रहे। एसपी ने पुलिस टीम की पीठ थपथपाई और दस हजार रूपये का इनाम भी दिया।