गोरखपुर जिले के कैंपियरगंज इलाके के धानी-फरेंदा मार्ग पर सिद्धार्थनगर के स्वर्ण व्यापारी अरविंद नाथ वर्मा से नौ लाख रुपये कीमत के 200 ग्राम सोने की लूट का पुलिस 21 दिन बाद भी पर्दाफाश नहीं कर सकी है। यह हाल तब है जब एडीजी जोन अखिल कुमार वारदात के बाद खुद मौके पर गए थे और मातहतों को जल्द पर्दाफाश का निर्देश दिया था। इस घटना के पर्दाफाश के लिए पुलिस की चार टीमें लगाई गईं है, लेकिन पुलिस के हाथ अब भी खाली हैं।
जानकारी के मुताबिक, सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ सब्जी मंडी निवासी अरविंद नाथ वर्मा 30 जुलाई को निजी काम से पत्नी और बच्चों के साथ गोरखपुर आए थे। उसी रात करीब 11 बजे वह एक कार बुक कर घर लौट रहे थे। रास्ते में फरेंदा-धानी मार्ग पर हड़हवा पुल के आगे बाइक सवार बदमाशों ने गाड़ी रोककर गहनों से भरा बैग लूट लिया और भाग निकले।
वारदात के अगले ही दिन एडीजी अखिल कुमार, एसएसपी समेत सभी आला अफसर मौके पर पहुंचे थे और फिर कैंपियरगंज थाने में लूट का केस दर्ज किया गया था। पर्दाफाश के लिए पुलिस की चार टीमें लगाई गईं थीं, लेकिन अभी तक घटना का अनावरण नहीं कर सकीं। एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि पुलिस टीमें लगी हैं। जांच जारी है, जल्द ही बदमाशों को पकड़कर घटना का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।
चौरीचौरा डकैती में भी खाली हाथ
12 अगस्त को चौरीचौरा इलाके के महादेवा जंगल गांव में फाइनेंस कंपनी के दफ्तर में कर्मचारी को बंधक बनाकर लूटपाट की वारदात में भी पुलिस खाली हाथ है। पुलिस का दावा है कि टीमें लगी हैं, जल्द ही घटना का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।