सहायक अध्यापक इश्तेयाक अली को 60 हजार रुपये लेकर अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी देवेंद्र राम के पास भेजा गया। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के रुपये लेते ही टीम के सदस्यों ने रंगे हाथ पकड़ लिया। कोतवाल अनुज कुमार सिंह ने बताया कि विजिलेंस टीम की तरफ से कोतवाली में तहरीर देकर केस दर्ज कराया गया।
इसके बाद आरोपी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी देवेंद्र राम को अपनी अभिरक्षा में गोरखपुर लेकर चले गए। जिला स्तरीय अफसर के घूस लेते रंगे हाथ पकड़े जाने का यह मामला कुछ ही देर में सुर्खियों में आ गया। डीएमओ देवेंद्र राम पर पहले भी गंभीर आरोप लगते रहे हैं। 17 सितंबर को इन्हें शासन ने मुख्यालय लखनऊ से संबद्ध कर दिया था, लेकिन सत्ता पक्ष के नेताओं से पैरवी कराकर वापस जिले में कार्यरत हो गए थे।
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