घटनास्थल पर छानबीन करती पुलिस व मृतक की फाइल फोटो।
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पुलिस के मुताबिक दोस्तों ने जो कहानी बताई थी, उसके मुताबिक मकान में दो कमरे बने हैं। एक में अमृत व दुर्गेश थे तो दूसरे में यश मिश्रा मौजूद था। देर रात दुर्गेश कमरे से निकला और बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। लिहाजा, अमृत अंदर ही बंद हो गया। सुबह अमृत की आंख खुली तो उसे बाहर से दरवाजा बंद मिला। इस पर अमृत ने शोर मचाया। तब जाकर दूसरे कमरे से यश मिश्रा आया और दरवाजा खोला। फिर खोजा गया तो दुर्गेश का शव सीढ़ी के नीचे लटका मिला था। दोस्तों ने आत्महत्या की कहानी गढ़ी थी, जो पुलिस की जांच में खुल गई है। लिहाजा, पुलिस ने मामले में केस दर्ज करके दो आरोपित दोस्तों यश मिश्रा व अमृत को गिरफ्तार कर लिया है। दो नामजद आरोपित अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है।
छठ बाद नौकरी पर जाने वाला था दुर्गेश
दुर्गेश गुप्ता ने मर्चेंट नेवी का कोर्स किया था। 15 नवंबर को वह नौकरी के लिए विदेश जाने वाला था। जिस मकान में दुर्गेश का शव मिला था, वह राजघाट की मियां बाजार निवासी रजनी मिश्र का है। इस मकान में कोई रहता नहीं है। कभी कभार रजनी का बेटा यश मिश्र (26) और उसके दोस्त आते रहते थे। गुरुवार शाम करीब सात बजे यश अपने दोस्तों अमृत (26) और राजघाट के गीता प्रेस स्थित गुड़ियान टोला निवासी दुर्गेश गुप्ता के साथ आया था। रात में मकान में दावत हुई थी। शुक्रवार सुबह दोस्तों ने डॉयल 112 पर दुर्गेश के खुदकुशी करने की सूचना पुलिस को दी थी।