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दुर्गेश हत्याकांड: पुलिस की जांच में खुली आत्महत्या की झूठी कहानी, चार के खिलाफ केस, दो दोस्त गिरफ्तार

Sun, 31 Oct 2021 10:33 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

कैंट थाना क्षेत्र के भैरापुर की कॉलोनी वीर बहादुरपुरम में दुर्गेश का शव मिला था। उसके दोस्तों ने पुलिस को खुदकुशी की सूचना दी थी। इस मामले में दुर्गेश के पिता ने मकान मालकिन समेत चार पर हत्या का केस दर्ज कराया है। पुलिस ने दुर्गेश के दो मित्रों यश और अमृत को गिरफ्तार किया है।
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आरोपी दोस्त यश और अमृत। (लाल घेरे में मृतक की फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर में दुर्गेश गुप्ता (25) की मौत के मामले में पुलिस ने चार लोगों पर हत्या का केस दर्ज करके उसके दो दोस्तों यश मिश्र व अमृत मिश्र को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में दुर्गेश के पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी यश मिश्र की मां व बड़े भाई पर भी केस दर्ज किया है, लेकिन इन दोनों की भूमिका की जांच की जा रही है। आरोप है कि रात में दावत के दौरान हुए विवाद के चलते गला कसकर दुर्गेश की हत्या की गई थी।

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जानकारी के अनुसार, पुलिस ने शुक्रवार देर रात इस मामले में राजघाट थाना क्षेत्र के गीता प्रेस स्थित गुड़ियान टोला निवासी दुर्गेश गुप्ता के पिता गोविंद प्रसाद गुप्ता की तहरीर पर यश मिश्र, अमृत मिश्र, यश मिश्र के बड़े भाई और यश मिश्र की मां के खिलाफ हत्या के आरोप में  केस दर्ज किया था।

कैंट इलाके के भैरोपुर स्थित वीरबहादुरपुरम कॉलोनी में दोस्त के घर दावत में गए दुर्गेश का शव शुक्रवार सुबह फंदे से लटकता मिला था। पुलिस के मुताबिक तीनों दोस्त बैठकर रात में दावत कर रहे थे। इसपर अमृत व यश ने दुर्गेश को घेरा और कहा कि तुम कभी कुछ नहीं खर्च करते हो। इसी बात पर विवाद हुआ और मारपीट होने लगी। इस बीच दुर्गेश की गला कसकर हत्या कर दी गई।
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दुर्गेश की हत्या रात में ही हो गई थी लेकिन अगले दिन सुबह इसे आत्महत्या का रूप दिया गया। दोस्तों ने दुर्गेश के गले में तार बंधा और घसीटकर सीढ़ी के पास तक ले गए, फिर तार के सहारे ही उसका गला सीढ़ी के रेलिंग से बांध दिया। आरोपी दोस्तों ने ही घटना की सूचना सूचना दी और बताया कि दुर्गेश ने आत्महत्या कर ली है। पुलिस को घटना संदिग्ध लगी। लिहाजा, पोस्टमार्टम कराने का फैसला हुआ। पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया है।

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पुलिस की जांच में खुली आत्महत्या की झूठी कहानी

घटनास्थल पर छानबीन करती पुलिस व मृतक की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।
पुलिस के मुताबिक दोस्तों ने जो कहानी बताई थी, उसके मुताबिक मकान में दो कमरे बने हैं। एक में अमृत व दुर्गेश थे तो दूसरे में यश मिश्रा मौजूद था। देर रात दुर्गेश कमरे से निकला और बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। लिहाजा, अमृत अंदर ही बंद हो गया। सुबह अमृत की आंख खुली तो उसे बाहर से दरवाजा बंद मिला। इस पर अमृत ने शोर मचाया। तब जाकर दूसरे कमरे से यश मिश्रा आया और दरवाजा खोला। फिर खोजा गया तो दुर्गेश का शव सीढ़ी के नीचे लटका मिला था। दोस्तों ने आत्महत्या की कहानी गढ़ी थी, जो पुलिस की जांच में खुल गई है। लिहाजा, पुलिस ने मामले में केस दर्ज करके दो आरोपित दोस्तों यश मिश्रा व अमृत को गिरफ्तार कर लिया है। दो नामजद आरोपित अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है।

छठ बाद नौकरी पर जाने वाला था दुर्गेश
दुर्गेश गुप्ता ने मर्चेंट नेवी का कोर्स किया था। 15 नवंबर को वह नौकरी के लिए विदेश जाने वाला था। जिस मकान में दुर्गेश का शव मिला था, वह राजघाट की मियां बाजार निवासी रजनी मिश्र का है। इस मकान में कोई रहता नहीं है। कभी कभार रजनी का बेटा यश मिश्र (26) और उसके दोस्त आते रहते थे। गुरुवार शाम करीब सात बजे यश अपने दोस्तों अमृत (26) और राजघाट के गीता प्रेस स्थित गुड़ियान टोला निवासी दुर्गेश गुप्ता के साथ आया था। रात में मकान में दावत हुई थी। शुक्रवार सुबह दोस्तों ने डॉयल 112 पर दुर्गेश के खुदकुशी करने की सूचना पुलिस को दी थी।
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