कोरोना की संभावित तीसरी लहर में विशेषज्ञ बच्चों के ज्यादा संक्रमित होने की बात कह रहे हैं। इसके बाद भी गोरखपुर जिले में बुखार से पीड़ित बच्चों की कोविड जांच नहीं हो पा रही है। ऐसे में सही समय पर बच्चों में संक्रमण का पता ही नहीं चल पा रहा है। जबकि प्रतिदिन चार हजार के आसपास सैंपल लिए जा रहे हैं। इनमें केवल 100 के आसपास बच्चों के सैंपल शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर बीआरडी मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में बच्चों की ओपीडी में करीब 300 से 400 के आसपास मरीज आ रहे हैं। इनमें 70 प्रतिशत मरीजों में बुखार के लक्षण मिल रहे हैं। इसके बाद भी जांच का दायरा बढ़ नहीं पा रहा है।
जानकारी के मुताबिक जिले में कोरोना जांच के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों को मिलाकर कुल 40 जगह केंद्र बनाए गए हैं। इनमें बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जांच के लिए 650 रुपये, जिला अस्पताल समेत 22 अर्बन हेल्थ पोस्ट और नौ सीएचसी पर निशुल्क जांच की जा रही है। जबकि सात निजी अस्पतालों में शुल्क लेकर जांच की जा रही है।
बच्चों की जांच का विभाग बढ़ाएगा दायरा
एम्स में कोविड संक्रमण की जांच में तीन साल के मासूम के संक्रमित मिलने के बाद विभाग ने बच्चों की जांच का दायरा बढ़ाने का फैसला लिया है। कोविड टेस्ट के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि इस मामले में जिला अस्पताल और महिला अस्पताल के चिकित्सकों से वार्ता की जाएगी। ओपीडी में आने वाले बच्चों की कोविड जांच के लिए पत्राचार किया जाएगा। अर्बन हेल्थ पोस्ट और सीएससी-पीएससी पर भी पहुंच रहे बच्चों की कोविड जांच लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा। इसके अलावा वयस्कों की जांच का दायरा भी बढ़ाया जाएगा।