बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश वर्मा का कहना है कि बच्चे किसी भी नए विषय वस्तु के बारे में जानकारी पाने को ज्यादे उत्सुक रहते हैं। उन्हें गेम में जैसे ही एम्बुलेंस का कलर बदला दिखेगा तो वे उस पर सर्च करेंगे। उस पर लिखे शब्दों के विषय में जानकारी करेंगे। अगर वीडियो गेम बनाने वालों ने इस तरह का प्रयोग किया है तो निश्चित ही यह जागरूकता के लिए बेहतर उपाय होगा।
यूएनपीजी कॉलेज के समाज शास्त्र के प्रवक्ता डॉ. हरिओम मिश्रा का कहना है कि समाज को जागरूक करने का यह बेहतर माध्यम हो सकता है। क्योंकि इस वक्त लोगों का अधिकांश वक्त अकेले बीत रहा है। अकेलापन दूर करने के लिए लोग मोबाइल पर बातचीत के अलावा गेम खेलना पसंद करते हैं।
सरकार ने कालर ट्यून पर पहले से ही जागरूकता संदेश लगा दिया है। अगर वीडियो गेम में भी जागरूकता के लिए कुछ उपाय किए गए हैं तो यह एक बेहतर विकल्प है।