योजना के अंतर्गत ढाबा, बेकरी या खाद्य प्रसंस्करण की इकाई शुरू करने के लिए 10 लाख और निर्माण के 25 लाख रुपये तक ऋण हासिल किया जा सकता है। योजना के अंतर्गत प्रोजेक्ट कास्ट का 25 से 30 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। ग्रामीण क्षेत्र की वित्त पोषित इकाइयों को 13 प्रतिशत की दर से तीन साल तक ब्याज वापस दिए जाने की सुविधा है।
राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र के प्रधानाचार्य पवन कुमार ने बताया कि
www.kviconline.gov.in पर (प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के लिए) और
cmegp.data-center.co.in पर (मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के लिए) आवेदन करना होगा। यह योजना खादी ग्रामोद्योग द्वारा शुरू की गई है। जिसमें राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र से ट्रेनिंग हासिल कर चुके अभ्यर्थी उद्योग स्थापित कर अनुदान के रूप में लाभ ले सकते हैं।