अगर कोविड टीका लगवाए बिना ही आपके मोबाइल पर टीकाकरण का संदेश (मैसेज) आ जाए या टीका लगवाने के बाद भी उसका प्रमाणपत्र न निकले तो घबराएं नहीं। यह एक तकनीकी समस्या है, जो आसानी से ठीक कराई जा सकती है। सिर्फ इसकी सूचना कंट्रोल रूम को देनी होगी।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि जिन लोगों को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है वे टोल फ्री नंबर 1075 या जिले के कंट्रोल रूम नंबर 0551-2202205, 9532041882 या 9532797104 पर संपर्क कर ठीक करवा सकते हैं। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं होता है तो सीएमओ कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
उन्होंने कोविड के नए वैरिएंट के प्रति लोगों को सतर्क किया और कहा कि टीके की दोनों डोज लेने के बाद भी कोविड नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। टीका लगने के बाद भी लोग संक्रमित हो सकते हैं, लेकिन खतरा बेहद कम हो जाता है।
जिले के सभी 19 ब्लॉक और शहरी क्षेत्र में 25-30 टीमों को प्रतिदिन 100 घरों तक पहुंचने का लक्ष्य दिया गया है। टीम के पास टीका एक्सप्रेस की लोकेशन रहती है और हर दो से तीन टीम के बीच एक वैक्सीनेटर टीम भी है। इनकी मदद से टीम मौके पर ही टीकाकरण कर रही है।
सर्टिफिकेट में भी सुधार संभव
डॉ एनके पांडेय ने बताया कि लाभार्थी के सर्टिफिकेट में अगर कोई कमी है तो वह भी एक बार सर्टिफिकेट की त्रुटियों को सुधार सकते हैं। नाम, आयु, लिंग, फोटो आईडी, द्वितीय खुराक के बावजूद अनवैक्सिनेटेड सर्टिफिकेट प्राप्त होना, विदेश यात्रा के लिए पासपोर्ट पर प्रमाणपत्र विवरण अंकित न होना, कोविड पोर्टल पर लॉगिन करने के लिए किसी अन्य मोबाइल नंबर का उपयोग और पोर्टल पर लाभार्थियों के मोबाइल नंबर गलत होने जैसी कमियों को लाभार्थी खुद ठीक कर सकते हैं।
ऐसे करें खुद से सुधार
इंटरनेट ब्राउजर पर कोविड डॉट जीओवी डॉट इन टाइप करना है और होम पेज पर ऊपर दाएं कोने में रजिस्टर या साइन इन ऑप्शन पर क्लिक करना है। लॉगिन पेज पर पंजीकृत मोबाइल नंबर डालेंगे और नंबर पर प्राप्त छह अंकों की ओटीपी से वेरिफाई करा कर आगे बढ़ेंगे। ऐसा करने के बाद संबंधित व्यक्ति की प्रोफाइल और टीकाकरण की स्थिति दिखाई देगी। त्रुटि सुधार के लिए ऊपर दाईं ओर रेज एन इश्यू ऑप्शन को क्लिक करके दी गई प्रक्रिया को पूर्ण करेंगे।