राप्ती नदी की वजह से शहर में पीएनजी सेवा की शुरुआत होने में देरी हो रही है। कंपनी ने राप्ती नदी में भूमिगत पाइप लाइन बिछाने के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी थी, जोकि हाल ही में मिली है। अब कंपनी का ध्यान राप्ती नदी में भूमिगत पाइप लाइन बिछाने पर है।
आठ वर्षों में दो लाख घरों तक पहुंचने का लक्ष्य
टोरेंट के वाइस प्रेसिडेंट आरके नायर ने बताया कि कंपनी के पास पर्याप्त समय है। साल 2028 तक गोरखपुर, कुशीनगर और संतकबीरनगर के जिलों में पीएनजी पहुंचाने का लक्ष्य है। इस दौरान करीब दो लाख घरों तक सेवा पहुंचने का लक्ष्य है। गोरखपुर में मार्च 2022 तक 60 हजार लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य है, जो कि पूरा हो जाएगा।
टोरेंट को प्राकृतिक गैस का कनेक्शन गेल से मिलेगा। गोरखपुर के सहजनवां और संतकबीरनगर की सीमा पर स्थित खानीपुर से टोरेंट को गेल कनेक्शन देगी। टोरेंट कंपनी की तरफ से यहीं से कुशीनगर जिले के लिए भी पाइप लाइन डाली जाएगी, क्योंकि गेल की तरफ से सिर्फ खाद कारखाने तक ही गैस पाइप लाइन बिछाई जानी है।
टोरेंट के वाइस प्रेसिडेंट आरके नायर ने बताया कि कोरोना महामारी की वजह से काम में देरी हुई। अब तेजी से कार्य किया जा रहा है। अब तक ढाई हजार परिवारों ने पंजीकरण करा लिया है। इसमें करीब 800 परिवारों को मार्च माह में पीएनजी सेवा देनी शुरू कर दी जाएगी।