एम्स के डॉक्टर व छात्र भी संक्रमित
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के दो डॉक्टर और एमबीबीएस के छह छात्रों के साथ ही 15 लोग संक्रमित पाए गए हैं। झरना टोला में नौ, रायगंज में एक ही परिवार के चार, आरपीएफ रेलवे कालोनी में चार, डीआइजी बंगला के सामने की कॉलोनी व रामजानकी नगर में दो-दो, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में छात्रा समेत चार संक्रमित मिले हैं। गीडा स्थित एक फैक्ट्री में चार कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। खाद कारखाना में तीन कर्मचारियों में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है। पहली और दूसरी लहर के साथ अब तक जिले में 60 हजार 533 संक्रमित मिल चुके हैं। इसमें 58 हजार 602 संक्रमित ठीक हो चुके हैं। अब तक 849 संक्रमितों की मौत हुई है।
बिहार के मरीज की मौत
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में भर्ती 55 वर्षीय कोरोना संक्रमित की मंगलवार को मौत हो गई। वह बिहार के सासाराम का रहने वाला था। हालांकि स्वास्थ्य विभाग सासाराम निवासी मृतक का विवरण अपने यहां नहीं दर्ज करेगा। इसकी रिपोर्ट बिहार भेजी जाएगी। इससे एक दिन पहले बड़हलगंज निवासी 63 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो चुकी है।
दवाओं की मांग बढ़ी
जिले में कोरोना संक्रमण के साथ ही दवाओं की मांग भी बढ़ गई है। दवा विक्रेताओं का कहना है कि फुटकर दुकानों पर बुखार, खांसी व जुकाम की दवाओं की खपत सबसे ज्यादा है। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक बीमार हैं। सब एहतियातन कोरोना की दवाएं खा रहे हैं।