गोरखपुर कोतवाली पुलिस ने सोमवार को प्रदर्शन के दौरान चार कांग्रेसी नेताओं को गिरफ्तार कर लिया था। आरोप था कि प्रधानमंत्री के चित्र पर यह लोग कालिख पोत रहे थे। रोकने के दौरान पुलिस वालों से हाथापाई करने के साथ ही बॉडी प्रोटेक्टर को फाड़ दिए और धक्का मुक्की में सिपाही घायल हो गया था। पुलिस ने चारों आरोपी नेताओं को पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रत्नम श्रीवास्तव की अदालत में पेश किया, जहां से कोर्ट ने अंतरिम जमानत देते हुए रिहा कर दिया। अगली सुनवाई इस मामले में 6 मार्च को होगी।
पुलिस के मुताबिक, सोमवार को वायरलेस सेट पर सूचना मिली कि यूथ कांग्रेस व राष्ट्रीय कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता आक्रोशित होकर भीड़ के रूप इकट्ठा होकर उत्तेजित पूर्ण नारे लगाते हुए बेतियाहाता चौराहे से मिरिण्डा पेट्रोल पंप की तरफ बढ रहे हैं। संवैधानिक पद पर बैठे प्रधानमंत्री भारत सरकार के विरूद्ध उत्तेजक नारे लगा रहे।
इस सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची तो देखा गया कि आक्रोशित करीब 16 से 17 लोगों की संख्या में सदस्य व पदाधिकारीगण के नारेबाजी व अनियंत्रित भीड़ से दोनों तरफ के रास्ते जाम थे। उसी दौरान आशुतोष तिवारी, अभिजीत पाठक, इंजिनियर अमित कुमार, सुमित पांडेय, प्रभात चतुर्वेदी, जितेंद्र विश्वकर्मा, आशीष प्रताप सिंह, अनिल दुबे व अन्य के ललकारने व उकसाने पर अभिजीत पाठक अपने हाथ में कालिख लेकर पास के होर्डिंग पर प्रधानमंत्री के फोटो पर चढ़कर कालिख पोती जानी लगी।
उन्हे रोके जाने के उद्देश्य से जैसे ही नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करते हुए रोकने का प्रयास किया गया। यह सारे लोग पुलिस के शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करते हुए हमलावर हो गए, जिससे आरक्षी विरेंद्र यादव व आरक्षी संजय यादव को चोटें आ गई तथा पुलिस का बाडी प्रोटेक्टर को फाड़ दिया। हाउडहेलर का फीता तोड़ दिया तथा अपाची वाहन का शायरन व बांए साइड का लाइट भी टूट गया। जिसके बाद पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया था, जिन्हें मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया।