गोरखपुर जिले के चिलुआताल के सुंदरीकरण कार्य का भविष्य में और विस्तार करने में बाधा न खड़ी हो, इसलिए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ताल के आसपास का भू-उपयोग बदलने की तैयारी कर रहा है। ताल का भू-उपयोग मनोरंजन कार्य के लिए सुरक्षित किया जाएगा, ताकि वहां कोई आवासीय निर्माण न हो सके।
बता दें कि चिलुआताल के सुंदरीकरण के लिए वृहद कार्ययोजना बनाई गई है। रामगढ़ताल की तरह ही इसे भी पर्यटन केंद्र के तौर पर विकसित करने की योजना है। ताल के क्षेत्र में अतिक्रमण न हो और पर्यटन से जुड़े कारोबार को बढ़ावा मिले, इसके लिए जीडीए ने भू -उपयोग में परिवर्तन करने का निर्णय किया है।
ताल के चारों ओर खाली जमीन का भू-उपयोग मनोरंजन कार्य के लिए सुरक्षित किया जाएगा। इससे यहां पर्यटकों की सुविधा के लिए होटल बनाए जा सकेंगे। साथ ही वाटर पार्क एवं डिज्नी लैंड की स्थापना भी हो सकेगी। बच्चों के लिए फन जोन भी बनाने की अनुमति होगी।
पर्यटन को बढ़ावा देने वाले निर्माण होने से पर्यटकों को तो सुविधा होगी ही, रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। जीडीए के मुताबिक महायोजना 2031 को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 29 दिसंबर को मुख्यमंत्री के सामने इसका प्रस्तुतीकरण भी किया जा सकता है। प्रस्तुतीकरण पर मुहर लगने के बाद प्रारूप प्रकाशित कर दिया जाएगा और उस पर लोगों से आपत्ति एवं सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि रामगढ़ताल की ही तरह चिलुआताल को भी पर्यटन केंद्र बनाने की तैयारी है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए, उस क्षेत्र में आवास बनाने पर रोक लगाई जाएगी। इसके लिए भू-उपयोग बदला जाएगा, ताकि ताल के आसपास सिर्फ मनोरंजन से जुड़े निर्माण हों।