स्व. सरदार ब्रह्मज्ञान सिंह मजीठिया के नाम चौरीचौरा के रुद्रापुर, मलमलिया, सरैया, कोनी, दुधई, भौवापार, कुसली आदि गांव में सैकड़ों एकड़ जमीन है, जो सीलिंग से प्रभावित है। कुछ भूमि को लेकर विभिन्न न्यायालयों में वाद भी विचाराधीन हैं और मौके पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश है। प्रशासन भी कुछ लोगों पर कार्रवाई कर चुका है।
चौरीचौरा के आधा दर्जन से अधिक गांवों में स्थित सीलिंग की जमीन कब्जाने की साक्ष्य समेत शिकायत मुख्यमंत्री से की गई है। चौरीचौरा बसडीला के रहने वाले शिकायतकर्ता माता प्रसाद शुक्ला ने बुधवार को पंजीकृत डाक के अलावा समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) के जरिए शिकायत दर्ज कराई है।
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उन्होंने आरोप लगाया है कि स्व. सरदार ब्रह्मज्ञान सिंह मजीठिया के नाम चौरीचौरा के रुद्रापुर, मलमलिया, सरैया, कोनी, दुधई, भौवापार, कुसली आदि गांव में सैकड़ों एकड़ जमीन है, जो सीलिंग से प्रभावित है। कुछ भूमि को लेकर विभिन्न न्यायालयों में वाद भी विचाराधीन हैं और मौके पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश है। प्रशासन भी कुछ लोगों पर कार्रवाई कर चुका है।
बावजूद इसके सरदार ब्रह्मज्ञान सिंह मजीठिया की पत्नी का मुख्तारेआम होने का दावा करने वाले कई लोग सीलिंग की जमीन बेचने के साथ ही उस पर कब्जा भी जमा लिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि 2018 से लेकर अब तक लगातार सीलिंग की कई जमीनों की रजिस्ट्री हो चुकी है।
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साक्ष्य के तौर पर उन्होंने रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज संख्या का भी जिक्र अपनी शिकायत में किया है। यही नहीं सरैया की एक जमीन के मामले में वरासत में विलंब होने पर आवेदक ने राजस्व परिषद समेत शासन में इसकी शिकायत की थी। मामले की जांच सीआरओ को सौंपी गई। जांच हुई तो चौंकाने वाला मामला सामने आया। पाया गया कि जमीन ही सीलिंग की है।