दुकान पर भांजा विनय वर्मा बैठा था। शाम को करीब पांच बजे भांजे ने फोन कर सूचना दी कि सराफा मंडल के अध्यक्ष गणेश वर्मा, महामंत्री हरिद्वार वर्मा, चांदी धाम वाले मनोज वर्मा, उपाध्यक्ष संतोष वर्मा, कोषाध्यक्ष दिनेश सराफ औन तीन अन्य लोग संजय कुशवाहा महेंद्र अग्रहरि, रामदयाल मौर्य दुकान पर आए हुए हैं और अपशब्द कह रहे हैं।
आरोप है कि दुकान के अंदर से भांजे को बाहर निकालते हुए गणेश वर्मा, हरिद्वार वर्मा और मनोज वर्मा ने दुकान का शटर नीचे कर ताला लगा दिया। आरोपियों ने भांजे से कहा- तुम्हारा मामा प्रदीप कुमार वर्मा जब तक हम लोगों से नहीं मिलेगा, ये ताला नहीं खुलेगा। यह कहकर ताले की चाबी लेकर चले गए। सराफ ने कहा कि वह शुक्रवार को एसएसपी और डीएम से मिलकर अपनी पीड़ा बताएंगे।
एसएसपी गौरव ग्रोवर ने कहा कि तहरीर को जानकारी नहीं है। पीड़ित सुबह कार्यालय आकर अपनी बात बता सकते हैं। जानकारी लेकर नियमानुसार कार्रवाई करवाई जाएगी। कानून सभी के लिए बराबर है।
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सराफा मंडल अध्यक्ष गणेश वर्मा ने कहा कि व्यापारी पर बाजार के कई लोगों का काफी रुपये बकाया है। जिनका बकाया है, वे सराफा मंडल के पास आकर अपनी बात रखते हैं। संगठन की तरफ से व्यापारी को मिलने के लिए बुलाया जाता है, तो वह सामने नहीं आते। दुकान पर गए थे, लेकिन फिर नहीं मिले। संगठन की तरफ से ताला नहीं लगाया गया है। पदाधिकारियों के जाने के बाद उनके कर्मचारी की तरफ से ही ताला लगाया होगा। बाजार के लोगों के चढ़ाने पर मनगढंत आरोप लगा रहे हैं।
विधिक राय
दीवानी कचहरी के वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्णानंद तिवारी ने बताया कि किसी के निजी व्यवसाय या परिसर में किसी भी प्रकार से रोकना कानूनन अपरोध होता है। अगर दुकान में ताला बिना सहमति के जबरदस्ती लगाया गया है तो ये कृत्य को सदोष अपराध की श्रेणी में आता है। सभी पर धारा 341 के तहत कार्रवाई T भी हो सकती है। इसके अलावा ने पुलिस तहरीर के आधार पर भी धाराओं को और बढ़ा सकती है।
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थाने पर पंचायत हुई लेकिन हल नहीं निकला
शिकायतकर्ता नै बताया कि राजघाट थाने पर पंचायत की गई थी। इस दौरान 11 लोग एक साथ प्रार्थी पर दबाव बना रहे थे। थाने की तरफ से भी कहा गया था कि चाबी दिलवा दी जाएगी, लेकिन दोनों पक्षों को एक सप्ताह में मामले में समझौता करने की सलाह देकर भेज दिया गया।