प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जनपद के 6286 किसानों को एक करोड़ 22 लाख 65 हजार रुपये उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजे गए हैं। यह धनराशि 2020-21 में गेहूं की फसल के नुकसान की क्षतिपूर्ति के रूप में दी गई।
एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया के जिला प्रबंधक धर्मेंद्र कुशवाहा ने बताया कि आपदा के समय व्यक्तिगत शिकायत की जरूरत नहीं होती है। इस स्थित में पूरे ग्रामपंचायत स्तर पर सर्वेक्षण किया जाता है। यह सर्वेक्षण डीएम द्वारा गठित कमेटी करती है। उसके बाद फसल का उत्पादन देखा जाता है। फिर नुकसान का आकलन कर क्षतिपूर्ति दी जाती है।
व्यक्तिगत स्तर पर कब करें शिकायत
खड़ी फसलों को ओलावृष्टि, जलभराव, भूस्खलन, बादल फटना, आकाशीय बिजली से उत्पन्न आग के कारण क्षतिपूर्ति की स्थिति में शिकायत की जा सकती है। इसके अलावा कटाई के बाद सुखाने के लिए खेत में रखी गई फसल को 14 दिन तक ओलावृष्टि चक्रवात, बेमौसम बारिश से नुकसान के बाद क्षतिपूर्ति के लिए किसान द्वारा बीमा कंपनी को सूचना दी जा सकती है।