गोरखपुर में बिजली निगम के अभियंताओं की समीक्षा बैठक में कमिश्नर ने निर्देश दिए कि सरकारी विभागों की बिजली बकाएदारी होने पर काट दी जाए। कहा कि सभी विभाग तय वक्त पर बिजली बिल का भुगतान जरूर कर दें। एसएसपी पुलिस लाइन के नाम से ही छह करोड़ रुपये का भुगतान बाकी है। 21 लाख रुपये से अधिक का बकाया चिलुआताल थाने के आवासीय परिसर का है तथा थाने पर पांच लाख 45 हजार रुपये से अधिक की बकाएदारी है।
अधीक्षण अभियंता शहरी कार्यालय में इसके बाद आनन-फानन बकाएदारों की लिस्ट तैयार की गई। सभी अधिशासी अभियंताओं को भेजते हुए उनसे राजस्व जमा करवाने और लेटलतीफी कराने पर बिजली काटने का निर्देश दिया। सरकारी विभागों में पुलिस विभाग पर सबसे अधिक आठ करोड़ रुपये से अधिक का बिजली बिल बकाया है। इसमें एसएसपी पुलिस लाइन के नाम से छह करोड़ 39 लाख रुपये बकाया है। इसके अलावा वहां बने दो सौ आवासीय परिसर पर 39 लाख रुपये से अधिक का बिजली बिल बकाया है। इसके अलावा अलग-अलग थानों पर बकाया है। इसे जमा करवाने के लिए निगम की तरफ से एसएसपी को पत्र भी लिखा जा चुका है।
ऐसे ही एसएसपी गोरखपुर कार्यालय पर तीन लाख रुपये, कोतवाली पुलिस आवास पर दो लाख रुपये, थाना तिवारीपुर चार लाख रुपये, थाना शाहपुर 4.92 लाख रुपये से अधिक, गोरखनाथ थाना 4.38 लाख रुपये (सभी आंकड़ों से अधिक रुपये की बकाएदारी)। इसके अलावा अन्य सरकारी विभागों पर भी बकाया है। अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने बताया कि सरकारी विभागों पर निगम का करोड़ों का बकाया है। लगातार निगम अपनी तरफ से पत्र लिखता है।