गोरखपुर जिले के गोड़धईया नाले पर जगह-जगह हुए अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सदर के नेतृत्व वाली यह कमेटी अतिक्रमण चिह्नित कर उसे हटाने के साथ ही नाले के सफाई कार्य की भी निगरानी करेगी। कमेटी में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के अलावा तहसीलदार सदर, मुख्य अभियंता जीडीए, मुख्य अभियंता नगर निगम और मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग, अधीक्षण अभियंता, जल निगम भी शामिल हैं।
मेडिकल कॉलेज क्षेत्र से होते हुए रामगढ़ताल में आकर मिलने वाले 13 किलोमीटर लंबे इस नाले पर जगह-जगह अतिक्रमण हो गया है। तमाम लोगों ने नाले की जमीन पर पक्के निर्माण करा लिए हैं। इससे नाले की चौड़ाई सिकुड़कर काफी कम हो गई है। साथ ही पानी का बहाव भी सही तरीके से नहीं होता। कई स्थानों पर तो नाले तक जेसीबी आदि के पहुंचने तक का मार्ग ही नहीं है। जिसकी वजह से सही तरीके से सफाई नहीं हो पाती। जगह-जगह सिल्ट जमा होने और अवैध निर्माण से हर बारिश में कई मोहल्लों में जलभराव की समस्या खड़ी हो जाती है। मेडिकल कॉलेज क्षेत्र के कई मोहल्लों में जलभराव के लिए भी लोनिवि और नगर निगम ने जो वजहें तलाशी हैं, उनमें एक वजह यह नाला भी है।
कमिश्नर ने निर्देश दिया हैं कि राजस्व अभिलेखों की मदद से 15 दिन में नाले का स्थलीय जांच करते हुए इसको मूल प्राकृतिक स्वरूप में लाने के लिए की जाने वाली कार्रवाई की जाए। साथ ही इसकी तलीझाड़ सफाई करने एवं इसके तटबंध को सुदृढ़ करने के संबंध में विस्तृत आगणन तैयार कर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। इसके बाद अवैध अतिक्रमण के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होगी।