देवरिया जिले में भटनी वाराणसी रेल खंड के तुर्तीपार स्टेशन से सौ मीटर दक्षिण एक कॉलेज के परिचारक ने मंगलवार की सुबह ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। सीमा विवाद में तीन घंटे तक शव पड़ा रहा। बाद में पहुंची लार पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
लार थाना क्षेत्र के धकपुरा गांव निवासी राजकुमार गौड़ (47) रेवली इंटर कालेज में परिचारक थे। पैसों की तंगी से आए दिन परिवार में कलह होती थी। राजकुमार गौड़ सुबह घर से टहलने के लिए निकले। सुबह करीब साढ़े आठ बजे वह मुंबई को जाने वाली गोदान एक्सप्रेस के सामने कूद गए। उनका सिर धड़ से अलग हो गया।
सूचना पर पहुंची मईल पुलिस ने घटनास्थल लार में होने की बात कही और लार पुलिस को सूचना दी। आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। धकपुरा गांव निवासी महानंद मिश्रा ने शव की पहचान की। सूचना पाकर परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचे। मृतक के तीन पुत्र हैं। धर्मेंद्र, मंजेश, गजेंद्र व पत्नी ज्ञांती देवी का रो-रो कर बुरा हाल था।
सीमा विवाद के कारण तीन घंटे बाद पहुंचीं लार पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए देवरिया भेज दिया। जिला पंचायत सदस्य अरविंद कुमार पांडेय ने लार पुलिस के विलंब से आने पर नाराजगी जताई।
लार एसओ प्रदीप शर्मा ने बताया कि सीमा विवाद नहीं था। परिचारक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।