उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के जेल बाईपास पर अब बिजली के तार नहीं दिखेंगे। इस मार्ग पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंडरग्राउंड केबल बिछाने का निर्देश दिया है। इस काम में 43.04 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दो दिन पहले गोरखपुर आए सीएम ने कौवाबाग से बदगदवां तक जेल बाईपास को फोरलेन किए जाने के बारे में जानकारी ली थी। इसके बाद ही उन्होंने निर्देश जारी किया है।
एसई शहर इंजीनियर यूसी वर्मा ने बताया कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अंडरग्राउंड केबल बिछाने का प्रस्ताव भेजा गया था जो अब पास हो गया है। जेल बाइपास फोरलेन के किनारे ट्रेंच विधि से केबल डाला जाएगा। इसमें 33 हजार और 11 हजार वोल्ट क्षमता का तार होगा। फोरलेन के किनारे बने नाले के एक भाग में ऊपर की तरफ लोहे के पाइप में केबल डाला जाएगा। ऐसे में केबल में कोई फाल्ट आने पर उसे ठीक करने के लिए खुदाई नहीं करनी पड़ेगी। केवल ट्रेंच के ऊपर का स्लैब हटा कर मरम्मत हो जाएगी।
जेल बाईपास 2002 में हुआ था दो लेन
वर्ष 2002-03 में नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल के प्रयासों से जेल रोड बाईपास दो लेन का हुआ था। नगर विधायक ने ही नौ राजस्व गांवों के करीब 1000 लोगों को 1989 से बकाया मुआवजा भी बंटवाया और नाले का भी निर्माण कराया। नगर विधायक का कहना है कि वर्तमान में अब दो लेन की इस सड़क पर हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं महराजगंज तथा मेडिकल कॉलेज से एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) तथा देवरिया और कुशीनगर जाने के लिए लोगों को भीषण जाम के कारण असुरन होकर जाना पड़ता है। जिला जेल बाईपास के चौड़ीकरण तथा उच्चीकरण के बाद असुरन की भीड़ आधी हो जायेगी।