इलेक्ट्रिक सामानों की दुकान पर खरीदारी करते लोग।
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में अबकी दिवाली पर घर, आंगन देशी झालरों से गुलजार होगा। कानपुर, लखनऊ, गुजरात समेत हरिद्वार से झालर बाजार में आ चुकी हैं। चीन की झालरों से अबकी दुकानदारों ने किनारा कर लिया है। दुकानदारों का कहना है कि, जब देशी झालरों की बनावट और उनकी मजबूती उच्च श्रेणी की है तो चीन के झालरों की जरूरत ही क्या।
शहर के कोतवाली, बक्शीपुर, गोलघर, विजय चौक, राप्ती नगर, असुरन, शाहपुर, के पास स्थित इलेक्ट्रिक बाजार में इस बार देशी झालरों की भरमार देखी जा सकती है। गुणवत्ता के साथ इनका साइज भी चीन की झालरों से बड़ा है और खूबसूरत भी है।
भारतीय झालर हैं टिकाऊ और मजबूत
व्यापारियों ने बताया कि चीन की झालरों की तुलना में देशी झालरें अधिक टिकाऊ और मजबूत हैं। इनकी सुंदरता भी आकर्षक है। देशी झालर चार-पांच वेरायटी में आ रही हैं। इनकी कीमत 45 रूपये से शुरू होकर 100 रुपये तक है। लंबाई 20 से 25 फीट है, वहीं चीन की झालर पांच से सात फीट तक ही होते थे। ऐसे में सभी नजरिए से देशी झालर चीन से बेहतर हैं।