कभी बच्चों का सबसे पसंदीदा रहा पार्क, इंदिरा बाल विहार, अब उन्हें एक बार फिर से आकर्षित करने लगा है। बदहाली झेल रहे इस पार्क की गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने सूरत बदल दी है। पार्क के जीर्णोद्धार व रंग-रोगन पर प्राधिकरण ने चार लाख रुपये खर्च किए हैं।
गोलघर स्थित इंदिरा बाल विहार कभी बच्चों के खेलने और मनोरंजन का इकलौता ठिकाना होता था। यह पार्क कितना पुराना और लोकप्रिय है, इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि कभी पार्क में खेलने वाले तमाम लोगों के बच्चें भी अब इसी पार्क में खेलने आते हैं। लेकिन, कुछ वर्षों से चली आ रही बदहाली के चलते बच्चे धीरे-धीरे इससे दूरी बनाने लगे थे। जीडीए उपाध्यक्ष को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने इसके जीर्णोद्धार का निर्णय लिया। नतीजतन फिर से वहां बच्चे खेलते-कूदते नजर आने लगे हैं।
पार्क में बच्चों के लुभाने वाले घोड़े और बंदर की प्रतिमा से लेकर झूलों और दीवारों का रंग-रोगन किया गया है। दीवारों पर आकर्षक पेंटिंग भी की गई है। जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि पार्क की देखरेख के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई है। नियमित साफ-सफाई का निर्देश दिया गया है। जीडीए के अन्य सभी पार्कों का भी जीर्णोद्धार किया जा रहा है।