कलश स्थापना करते प्रधान पुजारी कमलनाथ
- फोटो : अमर उजाला
वासंतिक चैत्र नवरात्रि के शुभ अवसर पर आज गोरखनाथ मंदिर में स्थित शक्तिपीठ में प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ जी ने कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप माँ शैलपुत्री का पूजन, दुर्गा सप्तशती का पाठ, आरती विधि विधान से किया ।
कलश स्थापना एवं आरती करने के पश्चात गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ जी ने बताया कि देवी दुर्गा के पहले स्वरूप को "माता शैलपुत्री" के नाम से जाना जाता है। शैलराज हिमालय के घर पुत्री रूप मे उत्पन्न होने के कारण इनका नाम शैलपुत्री पड़ा। शैलपुत्री देवी शक्ति, आधार व स्थिरता की प्रतीक है।
कलश की पूजा अर्चना करते गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी कमलनाथ
- फोटो : अमर उजाला
गोरखनाथ मंदिर स्थित शक्तिपीठ में कलश स्थापना एवं आरती में प्राचार्य डॉ. अरविंद कुमार चतुर्वेदी, डॉ. रोहित मिश्रा, आचार्य अश्वनी त्रिपाठी, नित्यानंद तिवारी, ओमप्रकाश त्रिपाठी, डॉअभिषेक पांडे, श्री पुरुषोत्तम चौबे, शुभम मिश्रा, शशांक शास्त्री, मयंक त्रिपाठी, गौरव त्रिपाठी, विनय कुमार गौतम उपस्थित रहे।