मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि अराजकता की छूट दी गई तो असंतुलन व असंतोष पैदा होगा, इस पर हमेशा विचार करना होगा। उत्तर प्रदेश के प्रति लोगों की धारणा बदली है। कभी गुंडा टैक्स, फिरौती और अपहरण उद्योग की पहचान थी। आज निवेश के शानदार गंतव्य की है। फरवरी में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए 16 देशों में मंत्रियों के रोड शो के दौरान सात लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
सीएम ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में जुलाई से लेकर नवंबर तक का महीना भय पैदा करने वाला होता था। इंसेफलाइटिस से 40 वर्षों में 50,000 बच्चों की मौतें हो गईं। बीते 5 सालों में बेहतर प्रबंधन, समन्वय व टीमवर्क से इंसेफलाइटिस पर 95 फीसदी तक नियंत्रण पा लिया गया है। अगले कुछ सालों में इस पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इंसेफलाइटिस की वैक्सीन जापान में 1905 में बन गई, लेकिन उसे भारत आने में 100 साल लग गए। नई बीमारी होने के बावजूद कोरोना के लिए दो सर्वश्रेष्ठ वैक्सीन नौ माह में तैयार कर ली गई। यह नेतृत्व के विजन व कार्यशैली का परिचायक है।
इन्हें किया सम्मानित
मुख्यमंत्री ने उद्योग, व्यापार, समाजसेवा, शिक्षा, पत्रकारिता आदि क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए विनय सिंह, कमलेश जैन, अशोक जालान, अतुल सराफ, शम्भू शाह, प्रगति श्रीवास्तव, राजीव ओझा, हरेकृष्ण, राजेश नेभानी और उमेश अग्रहरि को सम्मानित किया।
संगोष्ठी को विशिष्ट वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए आध्यात्मिक विचारक आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण ने कहा कि पत्रकारिता का मूल चरित्र जन सरोकार से जुड़ा है। यह बेहद प्रसन्नता का विषय है कि गोरखपुर का मीडिया बदलते समाज के प्रति जागरूक है।
कहा कि मीडिया पर सिर्फ सवाल पूछने तक खुद को सीमित करने के बजाय शासन की जनकल्याणकारी प्रतिबद्धताओं को भी जनता तक पहुंचाने की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि तटस्थता की स्थिति घातक होती है इसलिए पत्रकार को सत्यता, सटीकता और सदाशयता का परिचय देना चाहिए। उन्होंने प्रदेश में आए सकारात्मक बदलाव की चर्चा करते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ ने धर्म और राजनीति के एक साथ न हो सकने के मिथक तोड़ा है। उनके शासन में कुछ दुर्जन निपट गए तो कुछ घट गए।
यूपी में हो रहा भावना व संवेदना केंद्रित विकास : बद्री नारायण
विशिष्ट वक्ता वरिष्ठ साहित्यकार व स्तंभकार बद्री नारायण ने कहा कि समाज को प्रेरणा देने में पत्रकारों की बड़ी भूमिका है। मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में भावना और संवेदना केंद्रित विकास हो रहा है। वास्तव में जो विकास असंवेदनशील बनाए, वह व्यर्थ है। सीएम ने विकास के लिए जो गोरखपुर मॉडल तैयार किया है, उसे अन्य राज्य भी अपना रहे हैं। धर्म कैसे समाज को नेतृत्व दे सकता है, योगी इसके अनुपम उदाहरण हैं। उनमें सत्ता में रहकर सत्ता को जन समर्पित करने की भावना है। उन्होंने कहा कि बदलते परिदृश्य में विकास की प्रक्रिया से जनता को जोड़ने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मीडिया पर है।