पर्ची बनवाकर जब तक लौटता पत्नी की मौत हो चुकी थी। प्राचार्य डॉॅ. गणेश कुमार ने बताया कि अब तक इस संबंध में कोई पत्र नहीं आया है। न ही कार्रवाई के संबंध में कोई जानकारी दी गई है।
इमरजेंसी मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. एके श्रीवास्तव ने कहा कि जिस दिन की घटना है उस दिन मैं मेडिकल कॉलेज के काम से न्यायालय गया हुआ था। इसकी सूचना मैंने आला अधिकारियों को दी थी।
शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने की थी शिकायत
मामले की शिकायत शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक से की थी। शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया था कि बेलहरा गांव निवासी मेरे भाई संदीप की पत्नी चंदा को 22 जुलाई को बीआरडी में इलाज के लिए लेकर आए थे।
मरीज की गंभीरता को दरकिनार करते हुए डॉक्टर उसे एक वार्ड से दूसरे वार्ड में दौड़ाते रहे। इसे लेकर कई बार प्राचार्य को फोन भी किया गया, लेकिन फोन नहीं उठा। इस दौरान इलाज न मिलने से चंदा की मौत हो गई। शिकायत पर स्वास्थ्य महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा ने एसजीपीजीआई और केजीएयमू की डॉक्टरों की देखरेख में जांच कमेटी भी बना दी थी। कमेटी 22 अक्तूबर को जांच के लिए बीआरडी आई थी।