किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर कनेश्वरी नंदगिरी।(फाइल फोटो)।
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समाज की सलामती के लिए किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर कनकेश्वरी नंदगिरी ने 72 घंटे का उपवास शुरू कर दिया है। पीपीगंज में उनके आवास से दुर्गा मंदिर के पास स्थित घाट की दूरी लगभग चार किमी है। इस दूरी को वह बैंड-बाजे के साथ निकलने वाले जुलूस के बीच दंडवत प्रणाम करते हुए तय करती हैं।
जुलूस में बड़ी संख्या में किन्नर व क्षेत्र की महिलाएं भी शामिल होती हैं। महामंडलेश्वर कहती हैं कि समाज और यजमान ही मेरे सब कुछ हैं। इसलिए उनकी सलामती के लिए व्रत रखती हूं। लेटते हुए घाट तक जाने की कठिन तपस्या करती हूं ताकि छठ मैया सबका कल्याण करें।
किरन घोष था कनकेश्वरी नंदगिरी का नाम
महामंडलेश्वर कनकेश्वरी नंदगिरी का जन्म दक्षिणी भारत के विशाखापट्टनम में और पालन पोषण बंगाल के आसनसोल में हुआ। महामंडलेश्वर बनने से पूर्व इनका नाम किरण घोष था। आचार्य लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने दीक्षा दिलाने के बाद इनका नाम कनकेश्वरी नंदगिरी रखा।