गोरखपुर जिले में बदल रहे मौसम के बीच वायरल फीवर के मामले फिर बढ़ने लगे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में 50 प्रतिशत मरीज प्रतिदिन वायरल फीवर के आ रहे हैं। इन सबके बीच बारिश और बाढ़ की वजह से लोग डायरिया और कालरा की शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। साथ ही डेंगू के भी मामले बढ़ गए हैं। ऐसे में डॉक्टरों ने इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। कहा है कि खुद से ही कोई दवा न खाएं।
जानकारी के मुताबिक जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन करीब पांच सौ मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें करीब 250 से अधिक मरीज वायरल फीवर से पीड़ित हैं। बाल रोग विभाग के ओपीडी में भी बुखार से पीड़ित लगभग 50 फीसदी बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें से 20 प्रतिशत मरीजों में सांस फूलने क शिकायतें हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक ऐसे बच्चों में निमोनिमा के लक्षण मिल रहे हैं। इसके अलावा सर्दी-खांसी, जुकाम, बुखार के भी लक्षण मिल रहे हैं। एहतियात के तौर पर डेंगू और कोरोना की जांच कराई जा रही है। वहीं पांच मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसमें से चार दूसरे जिलों के हैं। जबकि एक मरीज गोरखपुर का है जिसका इलाज चल रहा है।
जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. एसी श्रीवास्तव ने बताया कि वायरल फीवर, डायरिया, कालरा की शिकायतें बच्चों से लेकर बड़ों तक में मिल रही है। डेंगू के मरीज भी मिले हैं। सभी मरीजों का इलाज किया जा रहा है। लोगों से अपील की जा रही है कि खुद से दवा न खाएं। डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही दवाओं का इस्तेमाल करें। क्योंकि इस मौसम में वायरल फीवर ज्यादा खतरनाक है। ऐसी स्थिति में खुद से दवा खाने से स्थिति बिगड़ सकती है।