जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त दयाशंकर सरोज ने बताया कि 6.90 करोड़ रुपये की परियोजना काला नमक चावल के कॉमन फैसिलिटी सेंटर को बनाकर हैंडओवर करने की अंतिम तिथि अक्तूबर 2021 है। नवंबर तक कार्य पूूर्ण होने की संभावना है। इस संगठन से 1200 किसान जुड़े हुए हैं। इस सीएफसी में एयर कंडीशन हाल में चावल रखने की सुविधा होगी।
अनुकूल वातावरण में काला नमक धान या चावल नहीं रखा जाता है तो सुगंध उड़ जाती है। कार्यदायी संगठन शिवांश सिद्धार्थ एयर कंडीशन डेवलपमेंट प्रोड्यूसर कंपनी के डायरेक्टर अभिषेक सिंह ने बताया कि एक माह में सीएफसी का कार्य पूर्ण हो जाएगा। इसमें धान को प्रोसेस करके स्टोर कर दिया जाएगा, जब किसानों की जरूरत होगी तो वे महंगे दाम पर बेच सकेंगे।
अब होगा किसानों का फायदा
कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि एयर कंडीशन हाल में भंडारण की सुविधा मिलने पर काला नमक चावल के किसानों का फायदा होगा। इस बार करीब 15 हजार हेक्टेयर में काला नमक धान की रोपाई हुई है। काला नमक चावल के निर्यात और ऑनलाइन मार्केटिंग शुरू होने के बाद किसानों का रुझान बढ़ गया है। जिले में वर्ष 2020 में काला नमक का रकबा आठ हजार हेक्टेयर था।
कृषि विज्ञान केंद्र सोहाना के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के एक प्रोजेक्ट के अंतर्गत काला नमक की दस प्रजातियों के धान की रोपाई की गई है। इसमें तुलनात्मक अध्ययन किया जा रहा है कि इस जलवायु में अन्य मिट्टी के काला नमक धान से कितनी खुशबू आ रही है।
ऑनलाइन होगी मार्केटिंग
जिला प्रशासन एवं जिला उद्योग विभाग ने काला नमक चावल की ऑनलाइन मार्केटिंग के लिए एक कंपनी से अनुबंध किया है। चावल की खेप कंपनी को भेज दी गई है और सैंपल भी पास हो गया है। कंपनी की पैकिंग के बाद देश-विदेश और दूसरे राज्यों में भी जिले का काला नमक चावल का स्वाद ले सकेंगे।