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गोरखपुर: नहीं मिलते पुलिस को इनाम के 'हकदार', कई केस आ चुके हैं सामने

Mon, 17 Jan 2022 01:13 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

सीसी फुटेज जारी कर पुलिस ने जब भी बदमाशों को पकड़ने में मांगी मदद, नहीं आया कोई सामने। फुटेज की मदद से जब भी मिली सफलता तो पुलिस ने ही पकड़ा, आम लोगों ने नहीं।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : iStock
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विस्तार
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गोरखपुर में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों को दबोचने के लिए पुलिस जनता से सीधे मदद मांगती है, लेकिन मिलती नहीं। ऐसी कई बड़ी घटनाएं हैं, जिनमें पुलिस के सीसीटीवी फुटेज जारी करने के बाद भी लोग आगे बढ़कर मददगार नहीं बने। फुटेज जारी करने के बाद पुलिस ही बदमाशों को दबोचकर उन पर रखा इनाम हासिल करती है। आम लोग आज भी पुलिस से दूरी बनाकर रखते हैं।

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आधुनिकता के दौर में बदमाशों को पकड़ने में सीसीटीवी फुटेज बड़ी मददगार बनी हुई है। अब घटना के बाद पुलिस सबसे पहले फुटेज ही खंगालती है। फुटेज हासिल करने के बाद खुद तलाश करने के साथ ही फोटो जारी करती है। लेकिन, इसका फायदा पुलिस को नहीं होता। इतना जरूर है कि बदमाश को यह जानकारी हो जाती है कि पुलिस उसकी तलाश में है और वह गलती करता है, जिसकी वजह से पुलिस की गिरफ्त में आ जाता है। लेकिन, फुटेज देखकर आज तक कोई आम आदमी पुलिस की मदद में सामने नहीं आया।

शिक्षक डेबिना की हत्या से की गई थी शुरुआत

शाहपुर इलाके में 2020 में शिक्षक डेबिना हत्याकांड में सीसीटीवी फुटेज जारी कर पुलिस ने सबसे पहले इसकी शुरुआत की थी। अफसरों का मानना है कि बदमाशों की तस्वीर सोशल मीडिया पर जारी करने के बाद न सिर्फ जनता के बीच उनकी पहचान की गुंजाइश बन जाती है, बल्कि पहचाने जाने की हड़बड़ी में बदमाश ऐसी गलती जरूर करता है, जिससे वह पकड़ा जा सके। इसी के बाद कई बार पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जारी किए, लेकिन मदद को आम लोग आगे नहीं आते हैं।  

 

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इस वजह से लोग नहीं करते मदद

आम लोगों की बात करें तो उनके मन में आज भी पुलिस को लेकर इतना खौफ है कि वह मदद करने में भी डरते हैं। पुलिस की ओर से यह दावा तो किया जाता है कि नाम, पता या यूं कह लें पूरी पहचान गोपनीय रखी जाएगी, लेकिन आम लोग पुलिस की इस दलील पर आज भी यकीन नहीं कर पाते हैं। शायद यही वजह है कि पुलिस इनाम देने का दावा नाम छिपाने के शर्त पर करती है, फिर भी बदमाशों को पकड़वाने में कोई नहीं करता।

केस एक

सात नवंबर 2021 : कोतवाली इलाके में व्यापारी के साथ हुई टप्पेबाजी की घटना सीसीटीवी में कैद हो गई थी। डीआईजी ने इसे लेकर कोतवाली थाने में मीटिंग की थी और फिर फुटेज जारी कर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया। लोगों से मदद मांगी गई कि बदमाश के बारे में जानकारी दें, नाम-पता गोपनीय रहेगा, लेकिन कोई सामने नहीं आया।

केस दो

28 सितंबर 2020 :  शिक्षक डेबिना की हत्या कर दी गई थी। बदमाशों ने उनकी बेटी को भी गोली मारी थी। 28 सितंबर को पुलिस ने हत्याकांड में दो शूटरों की फुटेज जारी की थी। 25 हजार इनाम देने की घोषणा के बाद भी कोई सामने नहीं आया। बाद में पुलिस ने ही बदमाश को पकड़ा।

केस तीन

12 अक्तूबर 2021 : गुलरिहा इलाके में जेवर चमकाने के बहाने जालसाजी का मामला सामने आया था। पुलिस ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर बदमाशों की तस्वीर जारी की थी। मदद में कोई नहीं आया। नवंबर में खोराबार पुलिस ने ही बदमाशों को पकड़कर घटना का पर्दाफाश किया था।

 
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