इस वजह से लोग नहीं करते मदद
आम लोगों की बात करें तो उनके मन में आज भी पुलिस को लेकर इतना खौफ है कि वह मदद करने में भी डरते हैं। पुलिस की ओर से यह दावा तो किया जाता है कि नाम, पता या यूं कह लें पूरी पहचान गोपनीय रखी जाएगी, लेकिन आम लोग पुलिस की इस दलील पर आज भी यकीन नहीं कर पाते हैं। शायद यही वजह है कि पुलिस इनाम देने का दावा नाम छिपाने के शर्त पर करती है, फिर भी बदमाशों को पकड़वाने में कोई नहीं करता।
केस एक
सात नवंबर 2021 : कोतवाली इलाके में व्यापारी के साथ हुई टप्पेबाजी की घटना सीसीटीवी में कैद हो गई थी। डीआईजी ने इसे लेकर कोतवाली थाने में मीटिंग की थी और फिर फुटेज जारी कर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया। लोगों से मदद मांगी गई कि बदमाश के बारे में जानकारी दें, नाम-पता गोपनीय रहेगा, लेकिन कोई सामने नहीं आया।
केस दो
28 सितंबर 2020 : शिक्षक डेबिना की हत्या कर दी गई थी। बदमाशों ने उनकी बेटी को भी गोली मारी थी। 28 सितंबर को पुलिस ने हत्याकांड में दो शूटरों की फुटेज जारी की थी। 25 हजार इनाम देने की घोषणा के बाद भी कोई सामने नहीं आया। बाद में पुलिस ने ही बदमाश को पकड़ा।
केस तीन
12 अक्तूबर 2021 : गुलरिहा इलाके में जेवर चमकाने के बहाने जालसाजी का मामला सामने आया था। पुलिस ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर बदमाशों की तस्वीर जारी की थी। मदद में कोई नहीं आया। नवंबर में खोराबार पुलिस ने ही बदमाशों को पकड़कर घटना का पर्दाफाश किया था।