देवरिया जिले के मझवलिया गांव की पुलिया के पास हुई कार लूट में पुलिस ने पांच दिन की जांच के बाद रविवार देर शाम अज्ञात बदमाशों पर लूट का केस दर्ज कर लिया। वारदात को अंजाम देने से पहले बलिया के होटल में ठहरे बदमाशों की पहचान के लिए पुलिस बलिया के होटल में भी गई। यहां सिर्फ आधार नंबर हासिल हुआ है। पुलिस इसी आधार पर बदमाशों तक पहुंचने में जुटी हैं।
इस मामले को अमर उजाला ने 16 जुलाई के अंक में ‘हाथ-पैर बांधकर चालक को फेंका और कार लूट ले गए’ शीर्षक से प्रकाशित किया था। इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई और पांच दिनों की छानबीन के बाद आखिरकार केस दर्ज किया। यह कार्रवाई पीड़ित चालक पप्पू की तहरीर पर की गई है।
सूत्रों की माने तो बदमाशों तक पहुंचने का कुछ क्लू भी पुलिस के हाथ लगा है। मगर पुलिस सिर्फ अभी आधार नंबर ही मिलने की बात स्वीकार कर रही है। एसओ अनिल कुमार यादव ने बताया कि चालक की तहरीर पर लूट का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बलिया होटल से सिर्फ आधार नंबर मिला है। इसी के माध्यम से बदमाशों का नाम, पता जानकारी की जाएगी।
यह है मामला
लखनऊ के काकोरी थाना क्षेत्र के सीते बिहार कालोनी दुबग्गा निवासी पप्पू अली की कार 11 जुलाई को तीन लोगों ने लखनऊ से देवरिया आने के लिए बुक कराई। यहां पहुंचने पर कार को बलिया के लिए बुक करा लिया गया। लौटते समय 13 जुलाई की देर रात मझवलिया-गड़ेर मार्ग पर मझवलिया स्थित पुलिया के पास कार चला रहे पप्पू का हाथ पैर बांधकर बदमाशों ने उसे पुलिया के नीचे फेंक दिया और कार लेकर भाग निकले।