गोरखपुर कैंट थाने के दरोगा अमित चतुर्वेदी और सिपाही निखिल यादव पर मारपीट और धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज हुआ है। कैंट पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आरोप है कि दोनों बेतिहयाता निवासी एक व्यक्ति के घर में घुसकर गवाही देने का दबाव बना रहे थे। लेकिन, जब पीड़ित ने गवाही देने से इनकार कर दिया तो उनके साथ मारपीट की और धमकी दी। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। पहले तो पुलिसवालों ने फुटेज डीलिट कराने की काफी कोशिश की लेकिन, पीड़ित की सक्रियता से वे इसमें सफल नहीं हो पाए।
जानकारी के मुताबिक, हरपुर बुदहट इलाके के बरसिंघा के रहने वाले प्रदीप यादव यहां कैंट इलाके के बेतियाहाता आवास विकास कॉलोनी में किराए का मकान लेकर रहते हैं। वो फूड्स एंड वेबरेज कंपनी के कर्मचारी हैं। प्रदीप ने अपने घर में ही नीचे कंपनी का कार्यालय बना रखा है, जबकि, ऊपरी हिस्से में वे रहते हैं।
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प्रदीप ने प्रार्थना पत्र में लिखा है कि उनके मकान मालिक हृदय लाल होरा हैं। जबकि, इसी घर में अन्य किराएदार भी रहते हैं। मकान मालिक का महेंद्र श्रीवास्तव नाम के एक किराएदार से विवाद चल रहा था। 17 अक्तूबर 2020 को कैंट थाने के तत्कालीन बेतियाहाता चौकी इंचार्ज अमित चौधरी और सिपाही निखिल यादव प्रदीप के घर पहुंचे और मकान मालिक-किराएदार के बीच चल रहे विवाद में गवाह बनाने का दबाव देने लगे।
प्रदीप ने जब इससे इनकार कर दिया तो पुलिसवाले नाराज हो गए और प्रदीप से गाली-गलौच करते हुए मारपीट करने लगे। पूरा मामला और आवाज वहां लगे सीसी टीवी कैमरे में कैद हो गई।
आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने बाद में प्रदीप के कंपनी मालिक को भी फोन कर गवाही देने के लिए धमकी दी थी। कहा गवाही नहीं दी तो वह किसी फर्जी मुकदमे में फंसा देंगे। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने केस दर्ज किया है।