प्रकरण संज्ञान में आते ही एसपी ने ऑडियो के आधार पर कलवारी थाने के तीन पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि कलवारी थाने पर तैनात मुख्य आरक्षी जगत नारायण यादव, आरक्षी राजेश यादव एवं बृजेश भारद्वाज को लाइन हाजिर कर दिया गया है। सीओ कलवारी आलोक प्रसाद को पूरे प्रकरण की जांच सौंपी गई है।
असल में राम जानकी मार्ग से दक्षिण के सरयू नदी के तलहटी वाले गांवों से अवैध बालू खनन का मामला अक्सर सामने आ रहता है। उधर के ग्रामीण भी शिकायत करते हैं कि उनके खेतों और सीवान से अवैध खनन माफिया बालू का खनन कर रहे हैं। मना करने पर माफियाओं के गुर्गे मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। अवैध खनन में पुलिस और खनन विभाग की मिलीभगत भी बताई जाती है लेकिन अमूमन या बात साबित नहीं हो पाती है। पर सोमवार को सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ,जिसने पुलिस की सांठगांठ की पोल खोलकर रख दिया।
थानाध्यक्ष ने झाड़ा पल्ला
कलवारी के थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने वायरल ऑडियो से पल्ला झाड़ लिया है। उनका कहना है कि यह ऑडियो उनके थाने पर आने से पहले का है। एसओ ने बताया कि तीनों पुलिसकर्मियों की शिकायत मिलने पर लगभग डेढ़ माह पहले ही उनकी बीट अलग-अलग बदल दी गई थी। तब से अवैध खनन नहीं हो रहा है। ऑडियो के बारे में बताया कि अवैध बालू खनन रुकने के कारण ही अब इसको वायरल किया जा रहा है।