मुख्यमंत्री के जनता दरबार में भू माफिया द्वारा जमीन कब्जा करने की बात उजागर होने के बाद गोरखपुर जिले की कैंट पुलिस ने भू माफिया ओमप्रकाश पांडेय, उसके साथी सनी देवल, धीरज साहनी और संजय पांडेय के खिलाफ गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की है। कैंट इंस्पेक्टर की तहरीर पर केस दर्ज कर पुलिस बदमाशों को सूचीबद्ध कर उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। खबर है भू माफिया के घर पर कई बार पुलिस पहुंच चुकी है लेकिन अभी वह फरार चल रहा है। पूरी कवायद कूड़ाघाट की महिला की शिकायत के बाद की गई है।
कैंट इंस्पेक्टर सुधीर कुमार सिंह ने दी गई तहरीर में लिखा है कि लगातार क्षेत्र में भ्रमण के दौरान जानकारी मिलती रही है कि मोहद्दीपुर चारफाटक निवासी ओमप्रकाश पांडेय, महादेव झारखंडी निवासी सनी देवल, वहीं का धीरज साहनी उर्फ धीरेंद्र और संजय पांडेय एक शातिर किस्म के अपराधी और भू माफिया हैं। इनका एक संगठित गिरोह है।
गैंग के लोग आर्थिक लाभ के लिए संगठित गिरोह बनाकर आम लोगों से मारपीट व ठरा धमका कर जमीन पर कब्जा करने व जमीन के नाम पर रुपये हड़पने जैसी घटनाओं को करते हैं। इनका खौफ इस कदर है कि आम लोग इनके खिलाफ केस दर्ज कराने या फिर गवाही देने से डरते हैं। भय को देखते हुए इनपर कार्रवाई न्यायोचित होगी। 13 अगस्त को पूर्व में भेजी गई गिरोह की पृष्ठभूमि तैयार कर भेजी गई रिपोर्ट पर डीएम का अनुमोदन हुआ है। पुलिस डीएम से गैंगस्टर की अनुमति मिलने के बाद केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। एसपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि पुलिस गैंगस्टर के तहत कार्रवाई कर आरोपितों की तलाश में जुटी है। जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा।
खंगाली जा रही है गिरोह की कुंडली
पुलिस की अब तक की जांच में पता चला है कि ओमप्रकाश पांडेय पर सात से ज्यादा जालसाजी, धमकी और मारपीट की धाराओं में केस दर्ज हैं। इसके अलावा गिरोह के अन्य सदस्यों पर भी कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जमीन हड़पने, रुपये हड़पने के केस दर्ज हैं। जिले के अन्य थाने व गैर जनपद के इनके आपराधिक रिकॉर्ड को भी पुलिस खंगाल रही है। पुलिस को पता चला है कि ओमप्रकाश के गिरोह के लोग दूसरे जिले में जमीन का काम करते हैं।
तब मुख्यमंत्री बोले थे, क्या अब भी बचे हैं भू माफिया
5 अगस्त को मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में पहुंची एक महिला ने कैंट इलाके के ओमप्रकाश पांडेय पर जमीन हड़पने का आरोप लगाया था। यह सुनने के बाद सीएम बोल पड़े थे कि अब भी गोरखपुर में भू माफिया बचे है क्या? यह सुनने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अफसर भी सकते में आ गए थे और इसके बाद ही एसएसपी के आदेश पर कैंट पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की थी। जांच में पता चला था कि ओमप्रकाश जमीन हड़पने का गिरोह चला रहा है, जिसके बाद गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की गई थी।
फैक्ट फाइल
पंजीकृत भू-माफिया: 31
शिकायतें कुल आईं: 72
शिकायतें गलत पाई गई: 29
न्यायालय में विचाराधीन: 12
मामलों की जांच जारी: 31
राजस्व वाद दर्ज:19
मुकदमा दर्ज: 2