गोरखपुर शहर के नाक, कान व गला रोग विशेषज्ञ डॉ. संतोष शंकर रे, उनकी पत्नी समेत 24 अज्ञात लोगों पर रामगढ़ताल पुलिस ने हत्या की कोशिश समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोप है कि तारामंडल स्थित जीडीए के प्लाट पर कब्जा करने के लिए बाउंड्री वाल तोड़ने के साथ ही इन लोगों ने फायरिंग की, जिसकी वजह से अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के मुताबिक, बांसगांव निवासी विनोद सिंह की पत्नी मंजूषा ने पुलिस को दी तहरीर में लिखा है कि तारामंडल में जीडीए से आवंटित प्लाट में उन्होंने चार फीट की बाउंड्री वाल बनाई थी। मंगलवार की सुबह डॉ. संतोष शंकर रे, उनकी पत्नी डॉ. ममता कुसुम, अस्पताल के दो कर्मचारी व 20 अज्ञात लोग पहुंचे। आते ही इन लोगों ने फायरिंग कर चहारदीवारी गिराना शुरु कर दी। उन्होंने अपने बेटों के साथ रोकने की कोशिश की तो जान से मारने की नीयत से फायरिंग की।
एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने कहा कि दोनों पक्ष जीडीए के एक प्लाट पर अपना-अपना दावा कर रहे हैं। इसका निस्तारण जीडीए से होगा। तहरीर के आधार पर पुलिस केस दर्ज कर मामले की छानबीन कर रही है, साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
दबाव बनाने को दर्ज कराया गया डॉ. संतोष पर केस
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की आपातकालीन बैठक में बुधवार की रात डॉक्टर संतोष शंकर रे के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर नाराजगी जताई गई और कहा कि जमीन के विवाद में डॉक्टर संतोष शंकर रे के पक्ष में हाईकोर्ट निर्णय है। इसके बावजूद डॉ. संतोष का उत्पीड़न हुआ है। डॉक्टरों ने कहा कि यदि चिकित्सकों का ऐसे ही उत्पीड़न किया गया, तो सभी चिकित्सक विरोध करने के लिए मजबूर होंगे। बैठक में अध्यक्ष डॉक्टर शिव शंकर शाही, सचिव डॉ. वीएन अग्रवाल, डॉ. पीपी गुप्ता, डॉ. एसके त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।