गोरखपुर जिले के बांसगांव इलाके के डड़वाचतुर गांव में शौचालय निर्माण में 29.40 लाख रुपये घोटाले के मामले में पुलिस ने पूर्व प्रधान गीता राय, रोजगार सेवक मुनेंदर राय, ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) दिग्विजय, वीरेंद्र भूषण, अंकुर दुबे के खिलाफ मंगलवार को केस दर्ज कर लिया। एडीओ पंचायत अजय कुमार सिंह की तहरीर पर पुलिस लोक सेवक के पद के दुरुपयोग और अमानत में खयानत सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एडीओ पंचायत ने दी तहरीर में लिखा है कि गांव के अनंत कुमार राय ने डीएम को शपथ पत्र देकर शौचालय निर्माण में घोटाले की शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर जांच कमेटी गठित की गई। जांच में पाया गया कि डड़वाचतुर गांव में 245 शौचालय निर्माण के लिए बजट स्वीकृत किया गया था, लेकिन 54 शौचालय का निर्माण अधूरा मिला है।
30 लाभार्थी ऐसे दिखाए गए जो गांव के मूल निवासी ही नहीं थे। सारे नाम फर्जी पाए गए। इसके बावजूद सबके नाम से धनराशि स्वीकृत की गई और कागजों में शौचालय बने दिखाए गए। जांच से पता चला कि 158 शौचालय बनाए ही नहीं गए, लेकिन स्वीकृत धनराशि निकाली जा चुकी है। तीन शौचालय ऐसे मिले, जो एमआईएस डाटा से अतिरिक्त हैं। हर शौचालय के निर्माण पर 12 हजार रुपये खर्च दिखाए गए हैं। जब जांच रिपोर्ट डीएम को मिली तो हैरान रह गए।
दरअसल, इस गांव में कुल 245 शौचालय का निर्माण दिखाया गया था, लेकिन जांच में एक भी पूरा नहीं मिला। जो 54 शौचालय बने भी हैं, वह अधूरे हैं। इसी का नतीजा रहा कि डीएम ने मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए। डीएम के आदेश पर ही एडीओ पंचायत ने मंगलवार को केस दर्ज कराया है।
जन चौपाल में भी आया था मामला
डीएम ने बांसगांव विकास खंड मुख्यालय पर 18 अप्रैल को जन चौपाल लगाई थी। इसमें भी डड़वाचतुर गांव के शौचालय निर्माण में धांधली का मामला सामने आया था। तभी डीएम ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिया था।
डीएम विजय किरन आनंद ने कहा कि यह मामला गंभीर है। जिन आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य पाए गए हैं, उन सबसे 29 लाख 40 हजार रुपये की रिकवरी भी की जाएगी। विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। साक्ष्य सामने आने के बाद बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।