मां-बाप के इकलौते बेटे शैलेश की मौत से मातम
शैलेश मां-बाप का इकलौता बेटा था। पिता जितेंद्र साहनी को तीन बेटी के बाद शैलेश पैदा हुआ था। इकलौते बेटे और भाई की मौत पर परिवार में मातम छा गया।
हाथ की मेंहदी उतरने से पहले मिट गया सुहाग
शैलेश की नौ मई को पिपराइच के बैलो निवासी हिंदराज की बेटी रागिनी से शादी से हुई थी। पत्नी के हाथ से मेंहदी का रंग उतरने से पहले ही उसके मांग से सिंदूर उतर गया। पति की मौत की खबर पाते ही वह बदहवास हो गई थी। किसी तरह से उसे घरवाले सांत्वना दे रहे थे।
उधर, होश आने पर रागिनी बार-बार यही बोल रही है कि काश मेरी बात मान गए होते तो शायद उनकी जान बच जाती। दरअसल, रागिनी ने पति को शादी में जाने से मना किया था। उन्होंने कहा था कि मेरा मन आज ठीक नहीं है, संभव हो तो न जाएं, लेकिन शैलेश नहीं माने और शादी में चले गए। हादसे में उनकी जान चली गई।