गोरखपुर शहर के मदरसा दारुल उलूम हुसैनिया इमामबाड़ा दीवान बाजार में गुरुवार को कोविड वैक्सीन कैंप लगाया गया। कैंप में 46 लोगों को कोवैक्सीन की पहली डोज लगाई गई। कोविशील्ड टीका नहीं होने के कारण दस आजमीने हज (हज की तैयारी कर रहे लोग) बिना टीका लगवाए ही लौट गए।
कैंप में हज करने के इच्छुक लोगों को जब पता चला कि यहां कोवैक्सीन टीका लगाया जा रहा है तो वह लौट गए। दरअसल सऊदी अरब सरकार ने आजमीने हज के लिए कोविशील्ड वैक्सीन को ही मान्यता दी है। कोवैक्सीन लगवाने वालों को सऊदी अरब में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
शहर के उलेमा, मदरसों के टीचर और मस्जिद के इमाम मुस्लिम समाज को कोविड टीकाकरण कराने को जागरूक कर रहे हैं। इससे लोग टीकाकरण कराने को आगे रहे हैं। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ और स्टार हॉस्पिटल चेरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में मदरसा दारुल उलूम हुसैनिया इमामबाड़ा दीवान बाजार में कोविड टीकाकरण कैंप लगाया गया।
कैंप में आने वालों को कोवैक्सीन टीका लगाया गया। कैंप का आरंभ जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय और मदरसा प्रधानाचार्य हाफिज नजरे आलम और पार्षद उजैर अहमद ने फीता काट कर किया। कैंप में 18 से 45 आयु वर्ग वाले लोग टीका लगवाने पहुंचे। सुबह से शाम तक चले कार्यक्रम में 46 लोगों ने टीका लगवाया।
कैंप मे यूनिसेफ के गुलजार अहमद, शिवांगी गुप्ता, वसीमा, संदीप श्रीवास्तव स्टार हॉस्पिटल की सरिता, अभिषेक, फारूक, मदरसा हुसैनिया के शिक्षक मो रियाजुद्दीन, नवेद आलम, अब्दुल हमीद, मो क़ासिम, शबीह आजमी, मो. नसीम खान, इरफान ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।