जनरल फिजिशियन डॉ. बीके सुमन बताते हैं कि डिमांड अधिक होने के चलते इन दिनों मिलावटी मिठाइयां भी बिक जाती हैं, जिसके खाने से पेट संबंधी बीमारी हो सकती है। केमिकल युक्त दूध व अन्य सामग्री लीवर को प्रभावित करती है। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. कुनाल बताते हैं कि पटाखों के शोर और प्रदूषण से हृदय रोगियों की दिक्कत बढ़ जाती है। इसलिए खान-पान के अलावा शोर शराबे से भी दूर रहें।
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दिवाली से छठ पूजा तक त्योहार को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों में 161 बेड रिजर्व किए हैं। सभी सीएचसी व ब्लाॅक स्तरीय पीएचसी में एक-एक एंबुलेंस खड़ी रहेगी। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में फिजिशियन, सर्जन व हड्डी के डॉक्टरों की अलग से ड्यूटी रहेगी जो ऑनकाल मौजूद रहेंगे।
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दिवाली से छठ तक पटाखों व अन्य कारणों से लोग दुर्घटनाग्रस्त होते हैं। इसके अलावा लोग बीमारियों की चपेट में भी अधिक आते हैं, जिसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल में 20 बेड रिजर्व किया है।
इसके अलावा बीआरडी मेडिकल काॅलेज में 25 व सभी 21 सीएचसी पर पांच-पांच बेड आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा विशेष परिस्थितियों के लिए भी 11 बेड सुरक्षित रखे गए हैं।