जिला अस्पताल से बिचौलिए के पकड़े जाने के बाद पैरवी में कई लोग सामने आ गए। सत्ताधारी दल के नेता ही नहीं, कई दूसरे विभागों के अधिकारी भी पुलिस अफसरों के पास पहुंचकर उसे शरीफ बताने में गुरेज नहीं किए। लेकिन पुलिस ने जांच के आधार पर आरोपी को जेल भिजवा दिया है।
डीएम नाराज, मांगे तीन महीने में भर्ती और रेफर मरीजों की सूची
गोरखपुर जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को रेफर किए जाने को लेकर डीएम ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से पिछले तीन महीने में इमरजेंसी में आए मरीज, मृत आए मरीजों का नाम, पता और मोबाइल नंबर मांगा है। इसके साथ ही जो मरीज रेफर होकर आए हैं, तो जहां से रेफर होकर आए, वहां का विवरण भी मांगा गया है। डीएम ने जिला अस्पताल से रेफर किए गए मरीजों और उन्हें रेफर करने वाले डॉक्टर के नाम भी मांगे है।
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डीएम कृष्णा करुणेश ने बताया कि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सर्वसुलभ उपलब्ध कराना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता कार्यक्रमों में से एक है। शासन के निर्देश के क्रम में जनपद में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है। इसे देखते हुए ही डीएम ने जिला अस्पताल, सीएमओ और महिला अस्पताल से ब्योरा मांगा है। तीन दिन में डीएम ने पूरी जानकारी मांगी है।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि डॉक्टर की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी से पूछताछ में कई तथ्य सामने आए हैं। जिला अस्पताल में बिचौलिए का काम करने वाले कई लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस गहनता से पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। जांच व साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी, जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।