हड़हवा फाटक का जुड़ाव एक तरफ से हुमायूंपुर तो दूसरी ओर से बशातरपुर से होता है। इस पर यातायात का भारी दबाव रहता है। मंगलवार की दोपहर 12.20 बजे रेलवे फाटक पर लगा सायरन बजने लगा। इसके बाद गेट बंद हो गया। 12.32 बजे गोरखपुर से नकहा की ओर जा रही मालगाड़ी गुजरी। धीरे-धीरे चल रही मालगाड़ी के गेट पार करने में करीब छह मिनट का समय लग गया।
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इस दौरान दोनों ओर वाहनों का रेला लग गया। गेट खुलने पर दोनों से वाहनों का आना-जाना शुरू हुआ तो बाइक, कार और अन्य वाहनों के हाॅर्न बजने लगे। रेलवे गेट से 100 मीटर की दूरी पर पान की गुमटी लगाने वाले भोलू ने बताया कि पहले कम ट्रेन चलती थी। लेकिन अब दिल्ली सहित अन्य जगहों की ट्रेनों भी आती-जाती हैं।
नकहा जंगल रेलवे स्टेशन पर बने मालगोदाम तक मालगाड़ी भी जाती है। बशारतपुर रोड पर बाइक मैकेनिक शमशेर ने कहा कि गेट बंद होने पर जाम लगता है। ओवरब्रिज बन जाने से सबको राहत मिलेगी।
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स्थानीय निवासी रवि शर्मा ने कहा कि यहां ओवरब्रिज बनाने के बारे में जानकारी मिली है। इससे लोगों को जाम से राहत मिलेगी। हालांकि, दोनों तरफ बने मकान और दुकानों को तोड़ना पड़ेगा। इससे करीब तीन सौ मकान और दुकान प्रभावित होंगे।
स्थानीय निवासी आशीष गौतम ने कहा कि ओवरब्रिज का निर्माण कराया जाए। लेकिन इस बात का ध्यान रखा जाए कि दोनों ओर साइडलेन भी बने। अक्सर निर्माण के दौरान इस बात का ध्यान नहीं रखा जाता है।
दुकानदार संजय शिलांकुर ने कहा कि इस रूट पर ओवरब्रिज की बहुत जरूरत थी। अभी जब ट्रेनें गुजरती हैं तो आधा घंटा तक जाम में जूझना पड़ता है। इस समस्या से राहत मिल जाएगी। वैसे भी इस रूट पर बहुत ज्यादा लोगाें की आवाजाही है।
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दुकानदार मोहम्मद उमर ने कहा कि ओवरब्रिज बनने से जाम से राहत मिलेगी। लेकिन, ओवरब्रिज के नीचे लोगों की दुकानों पर प्रभाव पड़ेगा। जब भी निमार्ण होगा ग्राहक कम आएंगे।
राहगीर सतीश पांडेय ने कहा कि रेलवे फाटक बंद होने पर जाम लग जाता है। ओवरब्रिज से सबको राहत मिल जाएगी। हुमायूंपुर से बशारतपुर की ओर जाने वाले लोग बिना रुके आएंगे-जाएंगे।
राहगीर दुर्गेश श्रीवास्तव ने कहा कि हम लाेग अक्सर यहां से गुजरते हैं। एक्सप्रेस ट्रेनें तो रफ्तार में निकल जाती हैं। लेकिन मालगाड़ी आने पर काफी विलंब होता है। 10 मिनट से हम लोग यहां खड़े हैं।
सेतु निगम परियोजना प्रबंधक एके सिंह ने कहा कि हड़हवा फाटक पर ओवरब्रिज बनाने के लिए डीपीआर तैयार कर शासन को भेजा गया है। परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।