रिपोर्ट के मुताबिक, सहजनवां के डुगडुइया देवापार में वीरेंद्र सिंह की दुकान से मदर मेड ब्रांड का सत्तू, इलाहीबाग के कमलेश चंद्र गुप्ता की दुकान से मैंगो फ्लेवर आईसकैंडी, दुग्ध उत्पादन सहकारी संघ प्राइवेट लिमिटेड चंदौली में बना मदर डेयरी ब्रांड का दूध, अक्षय पात्रा फाउंडेशन राजेंद्र नगर का चावल, माया बाजार के दुकानदार संतोष कुमार की दुकान का स्पेशल बतीसा, राजेंद्र नगर पश्चिमी के जयराम चौहान की दुकान में बिक रहा लवली गोल्ड ब्रांड का किशमिश और दुधरा रोड महदेवा बाजार के संजय किराना स्टोर का पापड़ का नमूना अधोमानक पाया गया है।
इसके अलावा चेतना स्पाइस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड शाहमारूफ से लिया गया कैच ब्रांड की लाल मिर्च पाउडर और बरगदवां के मोबश्शरा परवीन की दुकान से लिया गया ताज ब्रांड की किशमिश को असुरक्षित पाया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि अधोमानक खाद्य पदार्थ नुकसानदायक नहीं होते हैं। ये मानक के अनुरूप नहीं होते हैं जबकि असुरक्षित खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार राय ने बताया कि इन सभी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मिर्च पाउडर में पुरानी और खराब हो चुकी मिर्च, चाक पाउडर, ईंट का पाउडर सहित अन्य चीजें मिलाई जाती हैं। इसमें अलग से रंग भी मिलाए जाते हैं। जबकि, किशमिश को खराब अंगूर से बनाया जाता है। इनको गोल्डन रंग देने के लिए केमिकल मिलाया जाता है। इसमें सल्फर (गंधक) की गंध आती है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की जांच में पाया गया है कि मिर्च पाउडर में लाल रंग की मिलावट की गई है। लाल मिर्च में खतरनाक रंग जांच में पाया गया है। किशमिश में कीड़े पाए गए हैं। इस वजह से इसे स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित है।
मिलावटी मिर्च पाउडर खाने से हो सकती है पथरी
फिजीशियन डॉ. संदीप श्रीवास्तव ने कहा कि मिलावटी लाल मिर्च पाउडर खाने से पथरी हो सकती है। गैस और मुंह के रोग हो सकते हैं। यदि मिर्च में लकड़ी का बुरादा मिलाया गया है, तो यह अस्थमा रोगियों के लिए खतरनाक हो सकता है। आंतों में रगड़ यानी कि गैस्ट्रिक इरोजन, अल्सर, पाचन तंत्र में परेशानी और पेट नियमित दर्द की शिकायत हो सकती है। केमिकल के मिलावट से भी पाचन तंत्र को नुकसान होगा।