मजदूरों को रुपये का लालच देकर मेडिकल कॉलेज में उनके खून को बेचने वाले खून माफिया गिरोह के एक और सदस्य मोहम्मद रफीउद्दीन को मंगलवार की रात में गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह मजदूरों को रुपयों का झांसा देकर मेडिकल कॉलेज तक लाता था। आरोपी को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया। लेकिन, अब तक इस धंधे में शामिल ब्लड बैंक का कर्मचारी पुलिस की पकड़ से दूर है। आरोपी रफीउद्दीन गोरखनाथ इलाके के चक्सा हुसैन पचपेड़वा का रहने वाला है।
जानकारी के मुताबिक, 28 अगस्त को खून बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने गिरोह के सरगना जाफरा बाजार निवासी वसील खान और उसके साथी केशरदेव को जेल भेजा था। इसके बाद से ही पुलिस मामले की जांच कर रही है। पूछताछ में पुलिस को कुछ नाम मिले थे, जिसके आधार पर पुलिस टीमें लगी थीं।
मंगलवार की रात को पुलिस को सूचना मिली कि मेडिकल कॉलेज में खून बिकवाने के लिए फिर खून माफिया गिरोह घुसा है। पुलिस तत्काल एक्शन में आ गई। मेडिकल कॉलेज चौकी इंचार्ज विवेक मिश्रा ने उनमें से एक मोहम्मद रफीउद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने जुल्म कुबूल किया। आरोपी को पुलिस ने जेल भिजवा दिया।