गोरखपुरी में ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशियों के बहाने भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनाव का जातीय व सामाजिक समीकरण भी साधा है। इस बार अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को ज्यादा प्रतिनिधित्व मिला है। चार विकास खंड ऐसे हैं, जहां से यादव प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा गया है। पार्टी का संदेश साफ है, भाजपा में सबका सम्मान है। इसी नीति से आगामी विधानसभा चुनाव भी लड़ा जाएगा।
आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा का मुख्य मुकाबला सपा से माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि सपा ओबीसी मतदाताओं के सहारे यूपी में दोबारा सरकार बनाने का दम भर रही है। भाजपा इसी दावे की हवा निकालने में जुटी है। मिशन 2022 को देखते हुए ही पार्टी जातीय-सामाजिक समीकरण दुरुस्त कर रही है। गोरखपुर के 20 विकास खंडों से जिन 20 प्रत्याशियों के नामों का एलान किया गया है, उनमें से 10 ओबीसी से हैं। यह कुल पदों की 50 फीसदी हिस्सेदारी है। अनारक्षित श्रेणी में शामिल चार विकास खंडों से भी ओबीसी प्रत्याशी उतारे गए हैं।
इसमें कैंपियरगंज, पाली, पिपरौली और सरदारनगर विकास खंड शामिल हैं। पार्टी ने पिपरौली से दिलीप कुमार यादव तो सरदार नगर से शशिकला यादव को प्रत्याशी बनाया है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि सपा यादवों को अपना कैडर वोटर बताती है लेकिन ऐसा नहीं है। दिलीप कुमार यादव भाजपा के पुराने कार्यकर्ता हैं। मंडल स्तरीय संगठन में अच्छा काम करते हैं। इनका इनाम पार्टी ने दिया है। शशिकला यादव भी पुरानी भाजपाई हैं। ओबीसी के लिए आरक्षित जंगलकौड़िया से ब्रजेश यादव भाजपा प्रत्याशी हैं। ब्रजेश भी पुराने भाजपाई हैं।