हेलमेट लगाए बिना स्टार्ट नहीं होगी बाइक
इस डिवाइस में दो चिप लगी हैं। एक हेलमेट में और दूसरी इंजन में फिट है। हेलमेट में एक छोटी बैटरी भी है, जो छह से आठ घंटे तक बैकअप देती है। इसकी खासियत यह भी है कि जब तक बाइक चालक हेलमेट नहीं लगाएगा, बाइक स्टार्ट नहीं होगी। हेलमेट लगते ही 20 सेकेंड तक बीप की आवाज आएगी। हेलमेट में एक बटन है, जिसे दबाते ही आवाज बंद हो जाएगी। शिवांश कहते हैं कि एक साल के अंदर डिवाइस बाजार में उपलब्ध कराने की योजना है। पेटेंट होते ही इस पर काम शुरू होगा। इस डिवाइस से घायलों को समय से इलाज मिल सकेगा। तमाम लोगों की जान बच सकेगी। शिवांश कहते हैं, बाइक के इंजन के पास कैमरा लगाने की तैयारी भी है, ताकि हादसे के वक्त आसपास की फोटो भी मिल जाए।
पांच मोबाइल नंबर सेव रहेंगे
डिवाइस में पांच मोबाइल नंबर सेव होंगे। यह नंबर घरवालों और परिचितों के हो सकते हैं। दुघर्टना होने पर इन्हीं मोबाइल नंबरों पर अलर्ट का मैसेज व लाइव लोकेशन लिंक के एक साथ जाएगा।
ऐसे काम करेगी डिवाइस
इस तकनीक के तहत इंजन के स्टार्ट होते ही दोनों चिप रेडियो फ्रिक्वेंसी के माध्यम से कनेक्ट हो जाएंगी। तेज टकराहट होते ही हेलमेट में लगी चिप इंजन को बंद कर देगी। उधर, हेलमेट में लगी जीपीएस डिवाइस मोबाइल नंबर पर लोकेशन भेजेगी। जब तक बैटरी काम करेगी, बाइक में लगा सायरन बजता रहेगा। इससे आसपास के लोगों को भी हादसे की जानकारी हो सकेगी।
ऐसे मिली प्रेरणा
शिवांश बताते हैं, 2019 की बात है। बस से लखनऊ जा रहा था, बस्ती के पास सड़क हादसा हो गया था। बाइक सवार एक व्यक्ति व एक महिला घायल होकर नीचे गिरे थे, सड़क पर खून ही खून था। मैंने बस में से ही पुलिस कंट्रोल को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंचने की जगह बार-बार मुझे फोन करके हादसे की वास्तविक जगह, गांव आदि पूछ रही थी। पता नहीं घायल बचे कि नहीं, रात भर सो नहीं सका। इस घटना से मुझे ऐसी डिवाइस बनाने की प्ररेणा मिली।