डॉ. विमलेश पासवान ने सपा प्रत्याशी डॉ संजय।
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गोरखपुर जिले के सियासत के मैदान में दो डॉक्टरों के बीच हुई जंग में एमडी डॉक्टर, डेंटल सर्जन पर भारी पड़े। यह कहानी बांसगांव विधानसभा चुनाव की है, जहां भाजपा प्रत्याशी डेंटल सर्जन डॉ. विमलेश पासवान ने एकतरफा मुकाबले में सपा प्रत्याशी एमडी डॉ. संजय को परास्त कर, विधानसभा पहुंचना सुनिश्चित कर लिया है।
बांसगांव विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रत्याशी विमलेश पासवान डॉक्टर हैं। विमलेश, विधायक बनने से पहले पूरी तरह से चिकित्सकीय पेशे से जुड़े थे। सियासत में जब कदम रखा तो वह पहले ब्लॉक प्रमुख, फिर विधायक बनकर विधानसभा पहुंच गए। सियासत के मैदान में आने के बाद भी वह चिकित्सा सेवा करते हैं। पिछला चुनाव इसी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर जीते थे। भाजपा ने डॉ. विमलेश पर दूसरी बार भरोसा जताया था।
वहीं, डॉ. संजय एमडी डॉक्टर हैं। आम लोगों की सेवा करने के साथ उन्होंने सियासत में हाथ आजमाने के लिए सोचा। 2014 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर बांसगांव लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, लेकिन करारी शिकस्त मिली। कांग्रेस के खिसकते जनाधार को देखते हुए उन्होंने कांग्रेस का हाथ छोड़ दिया। उन्होंने विधानसभा चुनाव से पहले सपा का दामन थाम लिया। बासगांव विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए सपा के दर्जन भर दावेदार थे, लेकिन सपा ने डॉ. संजय पर दांव लगाया।
बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय में मतगणना शुरू हुई तो सपा-बसपा व भाजपा के साथ छोटे दलों के मतगणना एजेंट मुस्तैदी से जमे रहे। पहले चक्र की मतगणना में भाजपा प्रत्याशी डॉ. विमलेश पासवान ने बढ़त बना ली। यह बढ़त परिणाम घोषित होने तक बनी रही। जैसे-जैसे भाजपा प्रत्याशी की बढ़त बढ़ती गई वैसे-वैसे छोटे दलों के प्रत्याशी मतगणना स्थल से निकलने लगे। बाद में अधिकतर प्रत्याशियों के एजेंट पंडाल छोड़ गए।
19वें चक्र की मतगणना के बाद भाजपा प्रत्याशी लगभग 20 हजार मतों से आगे हो गए तो सपा-बसपा प्रत्याशी को भी लगने लगा अब वापसी नहीं होगी। इसके बाद वे लोग भी निकलने लगे। इसके बाद बाहर खड़े सपा के समर्थक भी चले गए।