सीएमओ कार्यालय से जुड़े लोगों का कहना है कि गोरखपुर जिले में करीब 85 हजार पात्र गृहस्थी राशन कार्डधारकों का डाटा स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराया गया है। इसमें छह या छह से अधिक संख्या वाले लोग आयुष्मान कार्ड बनवा सकेंगे। जानकारों का कहना है कि राशन कार्ड में दर्ज एक नाम को एक यूनिट माना जाता है। आयुष्मान कार्ड बनने के बाद एक साल के अंदर पांच लाख रुपये तक के मुफ्त उपचार की व्यवस्था सरकार की ओर से की जाती है।
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ऑनलाइन आवेदन करके खुद बना सकते हैं कार्ड
आयुष्मान कार्ड से जुड़े लोगों का कहना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति वेबसाइट
beneficiary.nha.gov.in पर खुद भी कार्ड बना सकता है। गूगल प्ले स्टोर से आयुष्मान एप डाउनलोड करके यह सुविधा ली जा सकती है।
इसके अलावा लोग नजदीकी सहज जनसेवा केंद्र, आयुष्मान से जुड़े अस्पताल, नजदीकी सीएचसी और पीएचसी, राशन वितरक, आशा, आंगनबाड़ी, एएनएम सहित अन्य की मदद से आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं।
सीएमओ डॉ. आशुतोष दुबे ने कहा कि शासन की ओर से पात्र गृहस्थी कार्डधारकों के लिए यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ऐसे कार्डधारक जिनमें छह या उससे अधिक परिवार के सदस्य शामिल हैं। वे लोग योजना के तहत आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं।
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