कम ही उम्र में वार्ड नंबर पांच से जिला पंचायत सदस्य चुनी गईं अर्चिता सिंह जीत के बाद से ही अपने वार्ड के गांवों में भौगोलिक, आर्थिक, शैक्षिक परिस्थितियों को समझने और फिर उसी के मुताबिक विकास की रूपरेखा तैयार करने में जुटी हैं। एमएससी की पढ़ाई पूरी कर राजनीति में कदम रखने वाली अर्चिता के पिता अजय कुमार सिंह गुड्डू भी पूर्व जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं।
राजनीति के साथ-साथ लखनऊ से लैब टेक्नीशियन की पढ़ाई कर रही अर्चिता, शिक्षा को हर क्षेत्र के लिए बहुत जरूरी मानती हैं। उनका कहना है कि शिक्षा से ही जागरूकता लाई जा सकती है जिसकी गांवों में अभी बहुत जरूरत है।
अपनी प्राथमिकताओं को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वार्ड के सभी गांवों में पहले मूलभूत सुविधाएं विकसित करना उनका पहला लक्ष्य है। सड़क, पानी, बिजली और स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के बाद दूसरे चरण में गांवों में शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करेंगी।
वह कहती हैं कि राजनीति में शिक्षित युवाओं को आगे आने की जरूरत है। अपने पिता को रोल मॉडल मानने वाली अर्चिता का कहना है कि उन्हें ही देखकर राजनीति में आने का मन बनाया। अर्चिता ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचन तय होने पर साधना सिंह को बधाई देते हुए कहा कि अब जिला पंचायत का गठन हो जाएगा।
सदन चलने लगेगी तो विकास कार्य भी आगे बढ़ेंगे जिससे जनता को किया वादा एक-एक कर पूरा किया जा सकेगा। अर्चिता ने सात हजार से ज्यादा मतों के अंतर से चुनाव जीता है।