एडीजी जोन अखिल कुमार। (फाइल फोटो)
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अपराध पीड़ित महिलाओं के घर महिला पुलिसकर्मी पहुंचेंगी और उनका हाल जानेंगी। यदि केस से संबंधित या फिर कोई अन्य कानूनी अड़चन की जानकारी मिली तो महिला पुलिसकर्मी अधिकारियों को इसकी रिपोर्ट देंगी और उसका निपटारा भी कराएंगी।
एडीजी जोन अखिल कुमार ने जोन के सभी 11 जिलों के एसपी को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। एडीजी ने सभी एसपी को निर्देशित किया है कि महिलाओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई कर मदद की जाए। हर जिले को इसकी रिपोर्ट भी एडीजी दफ्तर को भेजनी होगी।
एडीजी अखिल कुमार का मानना है कि आज भी उत्पीड़न के मामलों में अधिकांश महिलाएं अपनी समस्याएं लेकर पुलिस के पास आने में हिचकती हैं। कुछ महिलाएं दिक्कत अधिक होने पर पुलिस के पास आ भी जाती हैं, लेकिन कई बार पुलिस की कार्रवाई से वह संतुष्ट नहीं होतीं। लिजाहा वह फिर पुलिस के पास मदद मांगने आने की बजाय घर में ही उत्पीड़न सहने को मजबूर हो जाती हैं।
ऐसे में जोन के सभी 11 जिलों को निर्देशित किया गया है कि बीते वर्षों में महिला उत्पीड़न से संबंधित अपराधों (दुष्कर्म, छेड़छाड़, पाक्सो एक्ट) से पीड़ित सभी मामलों में एक-एक महिला आरक्षी को पीड़ित महिलाओं, युवतियों और किशोरियों के घर उनसे संपर्क करने के लिए भेजा जाएगा। एडीजी ने बताया कि ये पुलिसकर्मी पीड़िता से मिलकर उनका हालचाल जानेंगी और यह जानकारी करने का प्रयास करेंगी कि उन्हें महिला उत्पीड़न से संबंधित किसी तरह की कोई परेशानी तो नहीं है। ऐसे में अगर किसी तरह की समस्या की जानकारी होती है तो महिला आरक्षी इसकी जानकारी अपने थाना प्रभारी के माध्यम से पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को देंगी। ताकि ऐसे मामलों में पुलिस की ओर से तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर ऐसी महिलाओं को मदद दी जा सके।
एडीजी जोन अखिल कुमार ने कहा कि अपराध से पीड़ित महिलाओं, युवतियों और किशोरियों के घर पर महिला पुलिसकर्मियों को जाने के लिए निर्देशित किया गया है। पुलिस उनके घर जाकर उनका हाल जानेगी कि कहीं कोई दिक्कत तो नहीं आ रही है। इससे पीड़ित महिलाओं में सुरक्षा का भाव जगेगा। साथ ही महिला सशक्तीकरण की दिशा में भी यह एक सार्थक कदम होगा।