ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम सदर गौरव सिंह सोगरवाल।
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ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के मुताबिक, एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है, जिसमें जिले की सभी सीएचसी-पीएचसी के साथ जिला अस्पताल के सभी डॉक्टर, डॉयग्नोसिस्ट और दवा काउंटरों पर तैनात कर्मचारी जोड़े गए हैं।
सीएचसी-पीएचसी से जब कोई मरीज जिला अस्पताल के लिए रेफर किया जाएगा तो स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी उसे संबंधित बीमारी से जुड़े डॉक्टर का नाम, एक तय दिन और समय भी अलॉट कर देंगे। इसकी जानकारी रोजाना डॉक्टरों, जांचकर्ता और दवा काउंटर पर तैनात कर्मचारी को भी दे दी जाएगी।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि जिला अस्पताल पर लग रही भीड़ की वजह से संक्रमण का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। पहले से बीमार लोगों को कोरोना संक्रमण का खतरा भी ज्यादा है। ऐसे में मरीज, भीड़ में खड़ा होने से बच सकेंऔर उन्हें इलाज के लिए घंटों मशक्कत भी नहीं करनी पड़े, इसे ध्यान में रखकर यह पहल की गई है।
सीएचसी-पीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किए जाने वाले मरीजों को उसी समय तय दिन और समय बता दिया जाएगा ताकि उन्हें जिला अस्पताल आकर लाइन न लगानी पड़े। तीन दिन के भीतर यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी।