महराजगंज जिले में शादी प्रोत्साहन योजना के तहत दिव्यांगों को लाभान्वित करने के लिए शासन द्वारा भले ही योजना का संचालन किया जा रहा है मगर उसमें आवेदन को लेकर दिव्यांग आवेदकों द्वारा रुचि नहीं दिखाई जा रही है। लक्ष्य को पूरा करने के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी के स्तर से खंड विकास अधिकारियों को भी पत्र भेजा गया मगर उनके स्तर से भी अभी तक प्रगति को बढ़ाने को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा दिव्यांगों को शादी-विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता की दशा में दोनों के दिव्यांगता की दशा में 35 हजार, पुरुष के दिव्यांगता की दशा में 15 हजार तथा महिला की दिव्यांगता की दशा में 20 हजार रुपये दिए जाने की व्यवस्था बनाई गई है। योजना के तहत उन्हीं दिव्यांगों को लाभ दिया जाना है जिनका विवाह वित्तीय वर्ष 2020-21 में अथवा चालू वित्तीय वर्ष में हो चुका है।
जिले को इस बार 17 का लक्ष्य मिला है जिसमें से महज तीन आवेदन पत्र ही प्राप्त हुए हैं। अभी भी 14 आवेदनों की दरकार है। इसे लेकर मुख्य विकास अधिकारी द्वारा सभी ब्लॉकों व पांच निकायों के जिम्मेदारों को पत्र भेजा गया था मगर अभी तक किसी ने भी एक आवेदक के मिलने तक की सूचना उपलब्ध नहीं कराई है।
मुख्य विकास अधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि बीडीओ व ईओ को पत्र भेजकर 10 नवंबर तक आवेदन को उपलब्ध कराने को कहा गया है।
ब्लॉकों को दो तथा निकायों को एक-एक आवेदन का है लक्ष्य
जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी शांतप्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि शादी प्रोत्साहन योजना के तहत सभी 12 ब्लॉकों के खंड विकास अधिकारियों को दो-दो तथा पांच निकायों के अधिशासी अधिकारियों को एक-एक आवेदन उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया गया है।