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अपराजिता नेशनल हाउस वाइफ-डे कॉन्टेस्ट: पति की कामयाबी में कंधे से कंधा मिला रहीं गृहिणियां

Tue, 26 Oct 2021 02:27 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

 सही मायनों में हाउस वाइफ की भूमिका उनके पति के कहीं अधिक है। पति केवल कारोबार संभाल रहे हैं जबकि पत्नी घर, परिवार, समाज, कारोबार, धर्म, परंपरा आदि का बखूबी निर्वाह कर रही है।
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सतीश द्विवेदी और सुप्रिया द्विवेदी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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हाउस वाइफ की भूमिका अब रसोईघर और परंपरागत कार्यों से आगे पति के कंधे से कंधा मिलाकर कारोबार में उनकी मदद करने तक पहुंच चुकी है। शहर के बड़े कारोबारियों की कामयाबी में उनकी पत्नी अहम भूमिका निभा रही हैं। यही कारण है कि अपनी कामयाबी का श्रेय पत्नी को देने में वे गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। सही मायनों में इन हाउस वाइफ की भूमिका उनके पति के कहीं अधिक है। पति केवल कारोबार संभाल रहे हैं जबकि पत्नी घर, परिवार, समाज, कारोबार, धर्म, परंपरा आदि का बखूबी निर्वाह कर रही है।

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बिजनेस और घर दोनों संभालती हूं
निदेशक होटल रंगरेजा सुप्रिया द्विवेदी ने कहा कारोबार के सिलसिले में पति सतीश द्विवेदी अक्सर बाहर रहते हैं। ऐसे में परिवार के संभालने के साथ उनके होटल बिजनेस के प्रबंधन, संचालन की भी जिम्मेदारी भी निभाती हूं। सुबह की शुरूआत बेटे अवि के साथ होती है। परिवार के सदस्यों के लिए ब्रेकफास्ट, लंच की व्यवस्था के बाद कारोबार से संबंधी तैयारी में जुटती हूं। होटल में कस्टमर को सर्विस, फीडबैक, स्टॉफ प्रबंधन, क्वालिटी कंट्रोल आदि रोजमर्रा के काम के साथ सामाजिक कार्यों के लिए भी समय निकाल लेती हूं। यह सब पति और परिवार के सहयोग के कारण आसान हो सका है।

मेरी मजबूती है मेरी पत्नी
रंगरेजा के निदेशक सतीश द्विवेदी ने कहा कि कारोबार की सफलता में पत्नी सुप्रिया का बहुत बड़ा हाथ है। वह मेरी मजबूती है। उनके सहयोग के कारण ही मैं कारोबार के सिलसिले में देश-विदेश के टूर कर पाता हूं। वह न सिर्फ होटल को बखूबी संभालती हैं, परिवार की देखभाल भी उतनी ही खूबी से करती हैं। वह एक अच्छी पत्नी, मां और बहू के साथ सफल गृहिणी और कारोबारी की भूमिका में फिट हैं।

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बिजनेस और परिवार संभालने में पति करते हैं मदद

सौमित्र सराफ और श्वेता सराफ। - फोटो : अमर उजाला।
एश्प्रा जेम्स एंड ज्वेल्स श्वेता सराफ ने कहा कि पति सौमित्र सराफ के साथ पापा अतुल सराफ और मम्मी का पूरा सहयोग होने के कारण मैं बिजनेस और परिवार के बीच संतुलन बना पा रही हूं। ज्वेलरी एंड जेम्स के लेटेस्ट ट्रेंड के हिसाब से डिजाइनिंग करनी हो या कस्टमर से डीलिंग, कंपनी के अकाउंट्स संभालना सब काम इसलिए जिम्मेदारी से निभा पाती हूं कि पति सौमित्र सराफ बहुत ही केयरिंग और सहयोगी नेचर के हैं। बीते तीन साल से बेटे शिवांश की परवरिश में व्यस्तता के चलते बिजनेस को थोड़ा कम समय दे पा रही हूं। 

श्वेता जैसी पत्नी मिलना सौभाग्य की बात
एश्प्रा जेम्स एंड ज्वेल्स सौमित्र सराफ ने कहा कि पत्नी श्वेता सराफ बेटे शिवांश, मेरे साथ परिवार के सभी सदस्यों का पूरी तरह ख्याल रखती हैं। वह सफल बिजनेस वूमन हैं लेकिन बेटे शिवांश के जन्म के बाद उन्होंने सारा समय बेटे की बेहतर परवरिश को समर्पित कर दिया है। वह एक मां, अच्छी पत्नी, बेहतरीन बहू, परिवार के छोटे सदस्यों की केयर करने वाली अभिभावक, हर भूमिका में आदर्श हैं। परिवार को संभालने के बावजूद बेहतरीन गहनों की डिजाइनिंग उनका पैशन है। उनके जैसी पत्नी मिलना सौभाग्य की बात है।

 

पति संभालते हैं बिजनेस और मैं परिवार

प्रियंका त्रिपाठी और अंकित त्रिपाठी - फोटो : अमर उजाला।
टीचर प्रियंका त्रिपाठी ने कहा कि पति अंकित त्रिपाठी ऑटोमोबाइल बिजनेस संभालते हैं और मैं परिवार। स्कूल जाने से पहले  पति, सास-ससुर सहित परिवार के सभी सदस्यों की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करती हूं। स्कूल से लौटने के बाद एक बार फिर रसोईघर संभालती हूं। शाम को पति के साथ व्यवसाय से संबंधी काम निपटाने में भी सहयोग करती हूं। अर्धांगिनी हूं तो पति के हर काम में साथ रहूंगी ही।

पत्नी के होते निश्चिंत रहता हूं  
निदेशक सिद्धेश्वरी ऑटोमोबाइल अंकित त्रिपाठी ने कहा कि माता-पिता की देखभाल करनी हो या कारोबार में कोई अहम निर्णय लेना हो प्रियंका के होते में मुझे चिंता नहीं होती। वह सिर्फ मेरी ही देखभाल नहीं करती, माता-पिता छोटे भाई-बहन सबकी खुशियों का ख्याल रखती है। उसके रहते ही निश्चिंत होकर कारोबार को पूरा समय दे पाता हूं। वह परिवार की धुरी है जिससे सभी सदस्य प्यार की डोरी से मजबूती से जुड़े हैं।
 
बनिए गेस्ट एडिटर, चलिए रेडिसन ब्लू
नेशनल हाउस वाइफ-डे (तीन नवंबर) के दिन प्रकाशित होने वाले अमर उजाला अखबार के संपादन की जिम्मेदारी शहर की तीन गृहिणियों के हाथों में होगी। इस तीन गृहिणियों वाले गेस्ट एडिटर पैनल को दो नवंबर को अमर उजाला कार्यालय बुलाया जाएगा और वे एक संपादक की तरह अमर उजाला की रिपोर्टिंग टीम से काम लेंगी। अमर उजाला का गेस्ट एडिटर बनने के लिए बड़ी संख्या में गृहिणियों ने दिलचस्पी दिखाई है। सोमवार को व्हाट्सएप पर दिनभर गृहिणियों के मैसेज आते रहे। सोमवार शाम छह बजे तक जिले की 863 हाउस वाइफ ने अमर उजाला क्विज का जवाब भेजा। सभी प्रविष्टियां शत प्रतिशत सही पाई गईं।

168 हाउस वाइफ ने प्रविष्टि तो भेजी लेकिन साथ में अपनी फोटो शेयर नहीं की, इस कारण उनकी प्रविष्टि पर विचार नहीं किया गया। अधिक प्रविष्टियां होने के कारण दस भाग्यशाली विजेताओं का चयन लकी ड्रॉ के जरिए किया गया। चुनी गई दस गृहिणियों को आकर्षक गिफ्ट हैंपर दिए जाएंगे। 31 अक्तूबर तक चुने गए इन्हीं विजेताओं में से गेस्ट एडिटर पैनल के लिए तीन और ‘चलिए होटल रेडिसन ब्लू’ के लिए चार गृहिणियों का चुनाव किया जाएगा। चारों गृहिणियों को परिवार समेत फाइव स्टार होटल रेडिसन ब्लू में डिनर का मौका मिलेगा।
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क्विज कॉंटेस्ट के नियम व शर्तें

अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल - फोटो : अमर उजाला
  • यह कॉंटेस्ट केवल महिलाओं के लिए है।
  • महिला का विवाहित होना अनिवार्य है।
  • शैक्षणिक योग्यता कम से कम स्नातक होनी चाहिए।
  • उम्र 50 से अधिक न हो।
  • क्विज में उसी दिन के अमर उजाला में प्रकाशित समाचारों से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे। जवाब के विकल्पों में सही पर टिक करना होगा।
  • 31 अक्तूबर को आखिरी क्विज प्रकाशित होगी।
  • 20 सफल विजेताओं से तीन गेस्ट एडिटर चुनी जाएंगी।
  • गेस्ट एडिटर का चुनाव होटल रेडिसन ब्लू में सामान्य लिखित परीक्षा से होगा।
  • अमर उजाला के पाठकों के अलावा अन्य गृहणियां भी भाग ले सकतीं हैं। उन्हें अमर उजाला में प्रकाशित क्विज फार्मेट की फोटो स्टेट कराकर पूरी तरह से भरकर भेजना होगा।
  • एक बार विजेता घोषित होने के बाद अन्य क्विज में आपकी एंट्री नहीं शामिल होगी।
  • निर्णायक मंडल का निर्णय अंतिम होगा।

क्विज-1 की विजेता
गोरखपुर। अपराजिता नेशनल हाउस वाइफ-डे कॉन्टेस्ट की क्विज-1 में बड़ी संख्या में महिलाएं प्रतिभाग कर रही हैं। पहले ही दिन 863 प्रविष्टियां आईं। शाम छह बजे तक मिली इन प्रविष्टियों में 90 प्रतिशत से अधिक प्रतिभागियों के सभी जवाब सहीं रहे। लिहाजा, लकी ड्रॉ के जरिए 10  विजेता का चुनाव किया गया।

विजेता                             पता    
1-रम्भा                        आदर्शनगर सिंघड़िया कूड़ाघाट    
2-शैलजा मिश्रा            एसडी चिल्ड्रेन एकेडमी संतोषनगर    
3-कल्पना जायसवाल    एमजी डिग्री कालेज बैंक रोड    
4-मल्लिका                    रामजानकी नगर    
5-अर्चना दूब                रूस्तमपुर    
6-अंशू गुप्ता                नेताजी सुभाषचंद्र बोस नगर कॉलोनी    
7-बिंदू                        जटाशंकर चौराहा    
8-प्रीती अग्रवाल            पुराना पेट्रोलपंप बसारतपुर    
9-चंदा गोस्वामी            सेंदुली बेंदुली, बड़गो गोरखपुर    
10-सरिता सिंह                सिंघड़िया कूड़ाघाट    


इस नंबर करना होगा व्हाट्सएप-7617566160, 8005000010


सवाल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी के कितने मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण किया?

ए- नौ
बी- पांच
सी- चार
डी- दस

सवाल- अब किस तर्ज बिकेगी की जीडीए की फ्लॉप संपत्ति?

ए- कल आओ, कल पाओ
बी- परसों आओ, परसों पाओ  
सी- देर से आओ, देर से पाओ
डी- पहले आओ, पहले पाओ

सवाल- हरनही-सोनबरसा मार्ग किसके नाम पर बनेगा?

ए- डा वाईडी सिंह
बी- पूर्व सांसद शरद त्रिपाठी
सी- उपेंद्र दत्त शुक्ला
डी-राजनारायण पासवान
 
सवाल- अमर उजाला के कितने संस्करण हैं?
ए- 21
बी- 17
सी-19
डी- 18
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